Abhinav Arora कौन हैं? दिल्ली में ‘बचाओ-बचाओ’ चिल्लाता रहा बाल कथावाचक, जानलेवा हमले में पिता घायल-VIDEO
Kathavachak Abhinav Arora Attack In Delhi: वृंदावन के 10 साल के बाल कथावाचक पर गुरुवार (9 अप्रैल 2026) रात करीब 10 बजे दिल्ली में जानलेवा हमला हुआ। तिकलनगर इलाके में एक साधारण सी सड़क पर अचानक चीख-पुकार मच गई। जब अरोरा की कार को कुछ लोगों ने घेर लिया। गाली-गलौज, डंडे बरसाए गए। कार के शीशे टूटे। अंदर बैठे परिवार की चीखें आसमान छूने लगीं। अभिनव के पिता तरुण राज अरोरा मारपीट का शिकार हुए। मदद मांगते हुए मासूम बच्चे की आवाज वीडियो में कैद हो गई।
यह कोई फिल्मी सीन नहीं, बल्कि दिल्ली की सड़कों पर रोड रेज का खौफनाक वीडियो है, जो अभिनव ने खुद अपने इंस्टाग्राम पर शेयर किया। लाखों फॉलोअर्स वाले इस बाल भक्त की इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया। लेकिन सवाल सबसे बड़ा यह है कि अभिनव अरोरा आखिर कौन हैं? और एक छोटे से बच्चे के पैर पर चोट लगने के बहाने क्यों भड़क गई भीड़?

Who Is Abhinav Arora: अभिनव अरोरा कौन हैं? वृंदावन के बाल कथावाचक की कहानी
अभिनव अरोरा दिल्ली में रहते हैं और एक प्राइवेट स्कूल में 5वीं क्लास के छात्र हैं। उनके पिता तरुण राज अरोरा एक लेखक हैं। लेकिन अभिनव की पहचान स्कूल से अलग है, वे वृंदावन के बाल कथावाचक हैं। भगवान कृष्ण और राम की भक्ति में डूबे 10 साल के इस मासूम बच्चे के इंस्टाग्राम पर लाखों फॉलोअर्स हैं। वे छोटी-छोटी उम्र में ही कथाएं सुनाते हैं, भजन गाते हैं और भक्ति का संदेश देते हैं। उनका चेहरा मासूमियत से भरा होता है, आवाज़ में कृष्ण भक्ति का जादू। सोशल मीडिया पर उनके वीडियो वायरल होते रहते हैं। लोग उन्हें 'बाल भक्त' कहकर प्यार करते हैं। परिवार धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से सक्रिय है। अभिनव की भक्ति यात्रा वृंदावन से शुरू हुई, लेकिन दिल्ली में रहकर भी वे लगातार भक्ति रस बिखेरते हैं।
Vrindavan Kathavachak Abhinav Arora Attack: क्या हुआ उस रात?
तरुण राज अरोरा के मुताबिक, रात 10 बजे वे परिवार के साथ कार में तिकलनगर से गुजर रहे थे। अचानक कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि उनकी कार से एक बच्चे के पैर पर चोट लग गई। बात छोटी थी, लेकिन कहासुनी तेजी से बढ़ गई। भीड़ ने कार को घेर लिया। गाली-गलौज शुरू। फिर डंडे और लाठियां चल पड़ीं। कार के आगे का शीशा टूटा। अंदर बैठी महिला (परिवार की सदस्य) चीख उठीं। अभिनव भी डरकर मदद के लिए चिल्लाता रहा। पिता तरुण राज अरोरा को बुरी तरह पीटा गया। वे चोटिल हो गए। वीडियो में साफ दिखता है कि कुछ लोग पगड़ी बांधे हुए हैं, पुलिस मौके पर पहुंच चुकी है, लेकिन भीड़ का गुस्सा काबू में नहीं आ रहा। कार के शीशे टूट रहे हैं। अभिनव की चीखें और परिवार की दहशत हर किसी को झकझोर देती है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस मौके पर पहुंची। तुरंत रोड रेज का केस दर्ज किया गया। शुरुआती जांच में 3 लोगों को हिरासत में लिया गया। बाद में 2 आरोपियों को तिहाड़ जेल भेज दिया गया। पीड़ित बच्चे को अस्पताल ले जाकर चेक किया गया, कोई चोट नहीं पाई गई। पुलिस अब आसपास के CCTV फुटेज खंगाल रही है। पूरी घटना की जांच चल रही है।
अभिनव का संदेश: 'अगला नंबर आपका है'
हमले के कुछ घंटे बाद अभिनव ने पूरा वीडियो अपने इंस्टाग्राम पर शेयर किया। कैप्शन में नवाज देवबंदी की ये कविता लिखी:
'जलते घर को देखने वालो, फूस का छप्पर आपका है।
आग के पीछे तेज़ हवा है, आगे मुकद्दर आपका है।
उसके कत्ल पे मैं भी चुप था, अब मेरा नंबर आया।
मेरे कत्ल पे आप भी चुप हैं, अगला नंबर आपका है।'
अभिनव ने साफ-साफ लिखा कि इस घटना को किसी धर्म या समुदाय से जोड़कर टिप्पणी करना अनुचित है। हम सिख धर्म का गहरा सम्मान करते हैं। यह साहस, सेवा और मानवता का प्रतीक है। यह मामला कुछ व्यक्तियों के कृत्य का है, न कि किसी संपूर्ण धर्म का।
दिल्ली में रोड रेज के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। छोटी-छोटी बातों पर लोग भड़क जाते हैं। पुलिस का कहना है कि CCTV और गवाहों के आधार पर जल्द कार्रवाई पूरी की जाएगी।
हिंसा के खिलाफ आवाज उठानी होगी
अभिनव अरोरा जैसे बाल कथावाचक समाज को भक्ति, शांति और प्रेम का संदेश देते हैं। लेकिन जब खुद वे हिंसा का शिकार होते हैं, तो सवाल उठता है कि हमारा समाज कितना असहिष्णु हो गया है? अभिनव का संदेश सबके लिए है कि चुप्पी मत साधो। आज मेरे घर में आग लगी, कल आपके घर में लग सकती है। परिवार अब सुरक्षित है। पुलिस जांच में जुटी है। मामला दिल्ली पुलिस के पास है। आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। अभिनव और परिवार ने न्याय की उम्मीद जताई है।












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