Delhi water crisis: आतिशी बोलीं- 20 सालों में दिल्ली में आबादी बढ़ी है, इसलिए हरियाणा से चाहिए ज्यादा पानी
Delhi water crisis: दिल्ली की तपती गर्मी में बेहाल लोगों का जल संकट ने जीना दूभर कर दिया है। दिल्ली जो पानी के लिए पड़ोसी राज्यों पर निर्भर करता है वहां की आम आदमी पार्टी की सरकार उनसे लगातार अतिरिक्त पानी की गुहार लगा रही है लेकिन दिल्ली के लोगों की पीड़ा समझने के बजाय जल संकट को लेकर राजनीति कर रहे हैं।
वहीं अब आम आदमी पार्टी की नेता और दिल्ली सरकार की जल मंत्री आतिशी ने कहा राज्यों के साथ जल समझौते पर फिर से बातचीत नहीं होती, तब तक शहर में गर्मियों में पानी का संकट बना रहेगा।

आतिशी ने एक बार फिर हरियाणा से अतिरिक्त पानी की जरूरत के बारे में बात की। जल मंत्री आतिशी ने उत्तरी दिल्ली में वज़ीराबाद जल उपचार संयंत्र का निरीक्षण किया और इस मुद्दे को उठाया।
आतिशी ने कहा दिल्ली का जल हिस्सा मई 1994 में हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पंजाब और दिल्ली के बीच हस्ताक्षरित यमुना जल बंटवारा समझौते द्वारा निर्धारित किया जाता है। इस समझौते के तहत दिल्ली को यमुना का 0.724 बिलियन क्यूबिक मीटर पानी आवंटित किया गया।
दिल्ली की जल मंत्री ने कहा तब से दिल्ली की आबादी में जबरदस्त वृद्धि हुई है, साथ ही पानी की आवश्यकता भी बढ़ गई है।
आतिशी ने कहा बेहतर रोजगार के अवसरों की तलाश में पड़ोसी राज्यों हरियाणा, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों से कई लोग दिल्ली चले आए हैं और उनमें से कई अनधिकृत और नियमित कॉलोनियों और झुग्गियों में बस गए हैं, जो अधिक कठिन हैं। उन्होंने का जब तक जल बंटवारे की व्यवस्था पर फिर से बातचीत नहीं की जाती, समस्या बनी रहेगी।"
आतिशी ने सवाल उठाया कि हरियाणा में हथिनीकुंड बैराज हरियाणा और उत्तर प्रदेश में सिंचाई के लिए नदी के प्रवाह को नियंत्रित करता है और दिल्ली को नगरपालिका का पानी उपलब्ध कराता है। जबकि हरियाणा दिल्ली को उसके हिस्से का पूरा पानी देने का दावा करता है।
उन्होंने कहा हथिनीकुंड बैराज में पानी के प्रवाह को मापने के लिए कोई प्रवाह मीटर नहीं लगाया गया है। हम पक्के तौर पर नहीं कह सकते कि यह हमें उतना पानी दे रहा है जितना हमें आवंटित किया गया है।












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