Waqf Amendment Bill के समर्थन में आए ये मुस्लिम विद्वान, जानिए क्या कहा?
Waqf Amendment Bill: वक्फ बोर्ड (संशोधन) विधेयक पर चल रही बहस के बीच दिल्ली में मुस्लिम सामाजिक कार्यकर्ताओं और इस्लामी विद्वानों की एक बैठक राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित हुई। इस बैठक में सभी ने सरकार के प्रति अपना समर्थन जताया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार की मंशा पर सवाल उठाना अनुचित है।
इस्लामिक स्कॉलर मुफ्ती वजाहत कासमी ने बताया कि बैठक का उद्देश्य कुछ राजनीतिक दलों द्वारा फैलाए गए भ्रम को दूर करना था। उन्होंने कहा कि यह बैठक वक्फ (संशोधन) विधेयक में संशोधन को लेकर बुलाई गई थी। हमने बैठक इसलिए बुलाई थी ताकि कुछ राजनीतिक दलों द्वारा सरकार के खिलाफ फैलाए गए भ्रम को दूर किया जा सके।

जिसमें कहा गया था कि मुसलमानों की ज़मीन छीन ली जाएगी। यह बैठक शांतिपूर्ण तरीके से हुई। हम सरकार के साथ खड़े हैं और हमें सरकार की मंशा पर शक नहीं करना चाहिए। सरकार जरूरतमंद और गरीब मुसलमानों के बारे में सोच रही है। इस विधेयक से वक्फ फलेगा-फूलेगा, मुसलमान फलेंगे-फूलेंगे और देश भी फलेगा-फूलेगा।
कासमी ने लोगों से अपील की कि वे राय बनाने और संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के सामने पेश करने से पहले बिल को पढ़ें। उन्होंने कहा कि हर किसी की अपनी राय अलग-अलग हो सकती है। कोई मुद्दा नहीं है। लेकिन हमें बेकार के नारे और विरोध से खुद को दूर रखना चाहिए।
पिछले 10 सालों में हमने सरकार द्वारा पेश किए गए सभी बिलों का विरोध किया है, उन्हें पढ़े बिना। मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि आप बिल को जरूर पढ़ें और जेपीसी के सामने अपने विचार रखें। उन्होंने आगे कहा कि यह मान लेना गलत है कि सरकार की हर कार्रवाई मुसलमानों के खिलाफ है।
कासमी ने कहा कि सरकार को हमेशा हमारे खिलाफ रहने की जरूरत नहीं है। वक्फ की संपत्ति मुसलमानों की संपत्ति है। पिछले 70 सालों में मुसलमानों के अलावा कोई भी व्यक्ति वक्फ बोर्ड का अध्यक्ष नहीं बना, फिर इस पर किसने कब्जा किया? यह कहना सही नहीं है कि सरकार हमेशा गलत होती है।
वहीं, सामाजिक कार्यकर्ता मोहम्मद ताहिर इस्माइल ने भी सरकारी इरादों पर संदेह करने के बजाय जेपीसी जैसे उचित माध्यमों से शिकायतों का समाधान करने की बात कही। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि इस विधेयक से वक्फ बोर्ड की जमीन पर अवैध कब्जा करके लाभ उठा रहे लोगों को रोका जा सकेगा।
सभी को जेपीसी के समक्ष अपनी शिकायतें रखनी चाहिए और सरकार की मंशा पर संदेह करना चाहिए। इस्माइल ने इस बात पर प्रकाश डाला कि अतिक्रमणकारियों ने वक्फ की जमीन पर कब्जा कर लिया है। जरूरतमंद मुसलमानों को जमीन से कोई लाभ नहीं मिल रहा है। वक्फ की जमीन का दुरुपयोग किया जा रहा है।
हम वक्फ में पारदर्शिता चाहते हैं और निजी लाभ के लिए इसका दुरुपयोग रोका जाना चाहिए। जमीनी स्तर पर वास्तविक जरूरतमंद मुसलमानों को वक्फ का लाभ मिलना चाहिए।












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