कत्ल से पहले कार में बैठाने के लिए निखिल हांडा की इस चाल में फंस गई शैलजा
दिल्ली। शैलजा द्विवेदी मेजर निखिल हांडा से दूरियां बनाने की कोशिश कर रही थी और दूसरी तरफ वो उसके साथ अफेयर जारी रखने के लिए लगातार साजिशें रच रहा था। खबर यही भी निकलकर आई कि हांडा तस्वीरों को वायरल करने की धमकी देकर शैलजा को ब्लैकमेल कर रहा था लेकिन इन सबसे वो डरी नहीं थी। इसके बाद हांडा ने कत्ल का प्लान किया और शैलजा से मिलने के लिए एक चाल चली जिसमें वो फंस गई और मार दी गई।

'बस आखिरी बार मिल लो...'
शैलजा मेजर निखिल हांडा से मिलना नहीं चाहती थी लेकिन वो लगातार दबाव बना रहा था और मिलने के मौके तलाश रहा था। जब कत्ल का उसने प्लान बनाया तो इसके लिए शैलजा से मिलना जरूरी था। 23 जून की सुबह 8.30 बजे निखिल हांडा ने शैलजा को फोन किया। कहने लगा, 'जरूरी बात करनी है बस, एक बार मिल लो। इसके बाद कभी नहीं मिलूंगा और न ही कॉल करूंगा।' शैलजा ने सोचा होगा कि शायद इसके बाद हांडा से छुटकारा मिल जाएगा लेकिन वह समझ नहीं पाई कि हांडा के आखिरी बार मिलने की बात कहने का असली मतलब कितना खतरनाक था।
शैलजा की भावुकता का फायदा उठाया
पति मेजर अमित द्विवेदी ने पुलिस को बताया कि शैलजा बहुत भावुक थी और इसी बात का फायदा हांडा ने उठाया था। पति के मुताबिक, शैलजा उनसे कुछ भी नहीं छिपाती थी और उसका हर पासवर्ड उनके पास था। जब उन्होंने एक बार शैलजा को हांडा को मैसेज करते देखा तभी उसे ऐसा करने से मना किया था। शैलजा हांडा से दूर होने लगी तो उसने कत्ल करने का प्लान बना लिया। पुलिस की पूछताछ में गिरफ्तारी के बाद हांडा ने कहा था कि शैलजा उसकी नहीं हो रही थी इसलिए मार दिया।












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