'...जिन्हें बस मार्शल के पद से हटाया, उन्हें कहां करेंगे समायोजित ', सदन में सौरभ भारद्वाज ने उठाए सवाल
दिल्ली में बसों में सुरक्षा को दृष्टि में रखते हुए बस मार्शल के पदों को खत्म करने का एलजी के आदेश का केजरीवाल सरकार विरोध कर रही है। मुद्दे को अब विधानसभा में जोर शोर से उठाने की तैयारी है। मंत्री सौरभ भारद्वाज ने सदन में कहा है कि सरकार नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों के पदों को खत्म करने एलजी के आदेश पर विधानसभा में चर्चा का प्रस्ताव लाएगी।
दिल्ली के उप राज्यपाल वीके सक्सेना ने बसों में तैनात मार्शल की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। एलजी के इस आदेश पर दिल्ली सरकार ने आपत्ति जताई है। दिल्ली हाईकोर्ट में दायर याचिका में एलजी के आदेश को चुनौती दी गई है। सरकार ने कोर्ट में दायर याचिका में नागरिक सुरक्षा निदेशालय के अक्टूबर, 2023 के आदेश को रद्द करने की मांग की है।

याचिका के तहत तर्क दिया गया कि बस मार्शल स्कीम का उद्देश्य बसों में महिलाओं की सुरक्षा में सुधार करना है। सरकार ने वर्ष 2022 में हुए दिल्ली में सामूहिक दुर्षकर्म और हत्या जैसी घटनाओं की याद दिलाई और कहा कि ये योजना 2015 से अप्रैल 2023 तक सुचारू रूप से संचालित की जा रही थी।
दिल्ली विधानसभा में सोमवार को मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा, "गरीब घरों से आने वाले हजारों Civil Defence Volunteers (नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवक) जो बस मार्शल के रूप में आधा काम कर रहे थे, जिस तरह से उन्हें निकाला गया है, हम उस पर चर्चा करना और प्रस्ताव लाना चाहते हैं। हमारी बिधुड़ी जी से यही निवेदन है कि वो तैयारी करके आयें कि उन बच्चों के लिए आप LG साहब से क्या करवा सकते हैं और सरकार क्या कर सकती है"
बता दें कि इससे पहले दिल्ली के उप राज्यपाल वीके सक्सेना की ओर से मार्शल की सेवाएं समाप्त करने के आदेश पर दिल्ली सरकार ने आपत्ति जताई जा चुकी है। दिल्ली हाईकोर्ट में दायर याचिका में एलजी के आदेश को चुनौती दी गई। सरकार ने कोर्ट में दायर याचिका में नागरिक सुरक्षा निदेशालय के अक्टूबर, 2023 के आदेश को रद्द करने की मांग की है। याचिका में कहा है कि महिलाओं और बच्चों की सार्वजनिक सुरक्षा के लिए 4,391 DTC बसों और 2,841 क्लस्टर बसों सहित राजधानी की सड़कों पर चलने वाली 7,232 बसों के लिए योजना जारी रखने की अनुमति दी जानी चाहिए।
याचिका में कहा गया कि दिल्ली की बसों में सुरक्षा को दृष्टि में रखते हुए मार्शल की व्यवस्था की गई थी। याचिकाकर्ता के वकील ने तर्क दिया गया कि बस मार्शल स्कीम का उद्देश्य बसों में महिलाओं की सुरक्षा में सुधार करना है। सरकार ने वर्ष 2022 में हुए दिल्ली में सामूहिक दुर्षकर्म और हत्या जैसी घटनाओं की भी याद दिलाई।












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