'घायल हूं इसलिए घातक हूं' Raghav Chadha ने आरोपों पर तोड़ी चुप्पी, कहा- मेरे खिलाफ साजिश हो रही है
Raghav Chadha Video Message Reply: राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने राज्यसभा में पार्टी के Deputy Leader पद से हटाए जाने के बाद शनिवार, 4 अप्रैल को एक धमाकेदार वीडियो मैसेज जारी करके अपनी ही पार्टी के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
चड्ढा ने इस पूरे घटनाक्रम को एक सुनियोजित हमला करार दिया है। उन्होंने अपने वीडियो का अंत फिल्म धुरंधर के फेमस डायलॉग से किया- घायल हूं, इसलिए घातक हूं।

स्क्रिप्ट लिखकर किया जा रहा हमला: राघव चड्ढा
राघव चड्ढा ने अपने वीडियो मैसेज कहा कि उनके खिलाफ एक स्क्रिप्टेड कैंपेन चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा, कल से मेरे खिलाफ एक ही भाषा और एक ही तरह के आरोपों का इस्तेमाल हो रहा है। यह कोई संयोग नहीं, बल्कि एक कॉर्डिनेटेड अटैक चल रहा है। मैंने पहले सोचा कि जवाब न दूं, लेकिन जब एक झूठ को 100 बार दोहराया जाए, तो लोग उसे सच मान लेते हैं।
3 बड़े आरोपों पर राघव चड्ढा का जवाब
पार्टी ने राघव चड्ढा को बोलने का मौका न देने और पद से हटाने के पीछे तीन मुख्य कारण बताए थे। चड्ढा ने उन पर अपनी सफाई पेश की:
विपक्ष के वॉकआउट में शामिल नहीं होते
पार्टी का कहना है कि जब पूरा विपक्ष सदन से वॉकआउट करता है, तो राघव चड्ढा अपनी सीट पर बैठे रहते हैं। जवाब में चड्ढा ने इसे सफेद झूठ बताते हुए चुनौती दी। राघव ने कहा कि संसद में हर जगह सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। फुटेज निकाल कर दिखा दें कि कब विपक्ष ने वॉकआउट किया और मैं उनके साथ नहीं गया। यह पूरी तरह से गलत आरोप है।
CEC के खिलाफ महाभियोग पर साइन नहीं किए
राघव चड्ढा पर आरोप है कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के खिलाफ लाए गए महाभियोग प्रस्ताव (पर चड्ढा ने हस्ताक्षर करने से मना कर दिया। जवाब में राघव ने कहा, पार्टी के किसी भी नेता ने मुझसे न तो औपचारिक और न ही अनौपचारिक रूप से इस पर साइन करने को कहा। राज्यसभा में हमारे 10 सांसद हैं, जिनमें से 6-7 ने खुद साइन नहीं किए हैं। तो सारा दोष केवल मुझ पर क्यों मढ़ा जा रहा है?
गंभीर मुद्दों के बजाय 'सॉफ्ट पीआर' (Soft PR) करना
पार्टी नेताओं (सौरभ भारद्वाज और आतिशी) ने आरोप लगाया कि चड्ढा संसद में गंभीर राष्ट्रीय मुद्दों के बजाय एयरपोर्ट के समोसे और 'सॉफ्ट पीआर' जैसे मुद्दों पर बात करते हैं। चड्ढा ने पलटवार करते हुए कहा, मैं संसद में शोर मचाने, माइक तोड़ने या गाली देने नहीं गया हूं। मैंने जीएसटी, महंगाई, पंजाब का पानी, दिल्ली का प्रदूषण और महिलाओं के स्वास्थ्य जैसे मुद्दों को उठाया है। अगर जनता की समस्याओं को उठाना गलत है, तो मुझे यह स्वीकार है।
पार्टी से राघव चड्ढा का टकराव कैसे शुरू हुआ?
यह विवाद तब शुरू हुआ जब 'AAP' ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर राघव चड्ढा की जगह पंजाब के सांसद अशोक मित्तल को राज्यसभा में पार्टी का उप-नेता नियुक्त करने का अनुरोध किया। साथ ही पार्टी ने यह भी मांग की कि राघव चड्ढा को पार्टी के कोटे से बोलने का समय न दिया जाए। इसके बाद से पार्टी के भीतर मतभेद खुलकर सामने आ गए। दिल्ली AAP अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज, पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान समेत कई नेताओं और चड्ढा के बीच बयानबाजी तेज हो गई है।
इस पूरे विवाद ने AAP के भीतर खींचतान को उजागर कर दिया है। एक तरफ पार्टी नेतृत्व चड्ढा पर सवाल उठा रहा है, तो दूसरी ओर चड्ढा खुलकर जवाब दे रहे हैं। आने वाले दिनों में यह टकराव और तेज हो सकता है, जिसका असर पार्टी की राजनीतिक रणनीति पर भी पड़ सकता है। फिलहाल, यह देखना दिलचस्प होगा कि AAP नेतृत्व इस विवाद को कैसे संभालता है और राघव चड्ढा के साथ रिश्ते किस दिशा में जाते हैं।












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