सांसद राघव चड्ढा का राज्यसभा से निलंबन 115 दिन बाद वापस, SC और सभापति जगदीप धनखड़ को दिया धन्यवाद
राज्यसभा से निलंबित आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा का सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर निलंबन वापस ले लिया गया गया है। सभापति जगदीप धनखड़ ने 11 अगस्त के आदेश वापस लेते हुए राज्यसभा उनकी एंट्री बहाल कर दी। इस पर आप नेता व राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने सुप्रीम कोर्ट और सभापति जगदीप धनखड़ को धन्यवाद दिया है। आप नेता चड्ढा ने इसको लेकर खुशी व्यक्त की और सुप्रीम कोर्ट की सराहना करते हुए कहा कि अदालत का मैं शुक्रगुजार हूं कि इस मामले को कोर्ट ने संज्ञान में लिया।

सोमवार को संसद में शीतकालीन सत्र शुरू हुआ। इस राज्यसभा में चड्ढा के निलंबन को वापस लेने का प्रस्ताव पारित हुआ। मामले मे आज राज्यसभा की विशेषाधिकार समिति की बैठक हुई। बैठक के बाद राज्यसभा अध्यक्ष ने चड्ढा की सदस्यता बहाल करने का फैसला लिया गया। राज्यसभा के सभापति के निर्णय पर आम आदमी पार्टी समेत कई नेताओं ने खुशी व्यक्त की है।
निलंबन बहाल होने पर राघव चड्ढा ने कहा, "11 अगस्त को मुझे राज्यसभा से निलंबित कर दिया गया था। मैं अपने निलंबन को रद्द कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट गया...सुप्रीम कोर्ट ने इस पर संज्ञान लिया और अब 115 दिनों के बाद मेरा निलंबन रद्द कर दिया गया है...मुझे खुशी है कि मेरा निलंबन वापस ले लिया गया है और मैं सुप्रीम कोर्ट और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ को धन्यवाद देना चाहता हूं।"
क्यों हुआ था राघव चड्ढा का निलंबन?
चड्ढा के निलंबन का प्रस्ताव बीजेपी सांसद पीयूष गोयल ने पेश किया था। दरअसल, दिल्ली सेवा विधेयक से संबंधित एक प्रस्ताव इस वर्ष चर्चा के दौरान उन पर पांच सांसदों के फर्जी हस्ताक्षर करने का आरोप लगा था। इस लिस्ट में राघव चड्ढा का भी नाम शामिल था। मामले में संलिप्तता के आरोपों पर उन्हें राज्यसभा से निलंबित कर दिया था। निलंबन का आदेश मामले में जांच पूरी होने तक था।












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