OPINION: दिल्ली सरकार की ईवी मुहिम, 2025 तक बड़ा बदलाव, 80% तक घट जाएगा प्रदूषण
दिल्ली में हवा घटती गुणवत्ता के बीच कई स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याओं का डर रहता है। जिसे दूर करने के लिए अब बड़े पैमाने पर राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
दिल्ली सरकार ने राज्य में प्रदूषण की स्थिति से निपटने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं। राष्ट्रीय राजधानी के एक्यूआई में सुधार के कई अब इलेक्ट्रिक वाहनों पर निर्भरता बढ़ाई जा रही है। जबकि बॉयो ईंधन का प्रयोग कम से कम हो इसके लिए फोकस किया जा रहा है। दिल्ली में हाल में इलेक्ट्रिक बसों के बेड़े में 400 नई इलेक्ट्रिक बसों को भी शामिल किया है। इस मुहिम के तहत दिल्ली सरकार ने अगले तीन वर्षों के भीतर 8 हजार इलेक्ट्रिक बसों को उतारने का लक्ष्य रखा है।
दिल्ली सरकार का लक्ष्य है कि 2025 तक दिल्ली को प्रदूषण मुक्त बनाया जाय। ऐसे राज्य सरकार के प्रस्ताव और केंद्र के सहयोग के साथ हाल ही इस मुहिम को गति देने के एक बड़ा कदम उठाया गया। जिसके तहत 400 नई इलेक्ट्रिक बसों को सीएम अरविंद केजरीवाल और उप राज्यपाल वीके सक्सेना ने हरी झंडी दिखाई।

ये बसें सब्सिडी स्कीम की 921 बसों में शामिल हैं, जिनके लिए केंद्र सरकार की तरफ़ से 417 करोड़ की सब्सिडी दी गई है। जबकि दिल्ली सरकार इस पर 3674 करोड़ रुपए खर्च कर रही है। नई बसों की शुरुआत के बाद दिल्ली में अब कुल 800 इलेक्ट्रिक बसें हो गई हैं जो पूरे देश में सबसे ज्यादा हैं। सीएम केजरीवाल के मुकताबिक दिल्ली सरकार लक्ष्य 2025 के आखिर तक दिल्ली की सड़कों पर कुल 8 हजार इलेक्ट्रिक बसें उतारने का है। उस वक्त दिल्ली में 10 हजार से ज़्यादा बसें होंगी जिसमें 80% बसें इलेक्ट्रिक होंगी। बहुत जल्द पूरे विश्व में दिल्ली को अपनी शानदार इलेक्ट्रिक बसों के लिए भी जाना जाएगा। ऐसे अन्य प्रयासों को मिलाकर 2025 तक दिल्ली में 80% तक प्रदूषण खत्म करने लक्ष्य रखा गया है।
दिल्ली सरकार ईवी के प्रयोग को बढ़ावा देने के साथ ही पूरा स्ट्रक्चर तैयार कर रही है। पिछले दिनों सीएम केजरीवाल ने 11 इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन की शुरूआत की थी। यानी अगर ईवी की चार्जिंग घर पहुंचने से पहले ही खत्म होती है, तो टेंशन की बात नहीं है। चार्जिंग स्टेशन पर ईवी की बैटरी चार्ज की जा सकती है, ठीक वैसे ही जैसे पेट्रोल पम्प पर बाईक में फ्यूल भरवाया जाता है।
दिल्ली सरकार की ओर से शुरू किए गए नए ईवी चार्चिंग स्टेशन पर में 73 पॉइंट्स 12 स्वैपिंग स्टेशन हैं। ये सभी PPP मॉडल पर हैं। जिसके तहत दिल्ली सरकार ने 100 ev स्टेशन बनाने का टेंडर दिया। इसमें 900 चार्जिंग पॉइंट्स 303 स्वैपिंग पॉइंट्स होंगे। सीएम केजरीवाल के एक बयान के मुताबिक पेट्रोल स्कूटर में 1.75 रु प्रति किलोमीटर खर्च आता है, जबकि इलेक्ट्रिक व्हीकल में 7 पैसे प्रति किलोमीटर का खर्च आएगा। वहीं CNG थ्री व्हीलर में 2.62 पैसे प्रति किलोमीटर खर्च आता है, जबकि अब सिर्फ ईवी में 8 पैसे खर्च आएगा।
दिल्ली के प्रयासों के बाद प्रदूषण स्तर में गिरावट की बात करें तो मुताबिक पिछले 8 वर्षों में प्रदेश में 30 फीसदी प्रदूषण कम हुआ है। हर वर्ष की तरह इस साल भी सरकार दिल्ली के ग्रीन बेल्ट को बढ़ाने और प्रदूषण को कम करने के लिए हर साल वृक्षारोपण अभियान चला रही है। इसके साथ ही समर एक्शन प्लान के तहत वृक्षारोपण महाअभियान को गति देने के लिए 9 जुलाई को आईएआरआई पूसा से शुरू हुए वन महोत्सव कार्यक्रम को व्यापक रूप दिया गया है।
पर्यावरण मंत्री गोपाल राय की मानें तो दिल्ली में जब से अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली सरकार सत्ता में आई तब से अब तक 8 वर्षों के भीतर करोड़ों पौधे लगाए गए। वर्ष 2022-23 के बीच अब तक 1 करोड़ 18 लाख पौधे लगाए चा चुके हैं। इस वर्ष भी हमारी सरकार ने 52 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
यही नहीं दिल्ली में वायु की गुणवत्ता सुधारने के साथ यमुना की सफाई पर भी दिल्ली सरकार का फोकस है। सरकार यमुना के दोनों किनारों पर ग्रीन बेल्ट विकसित करने के लिए बड़े पैमान पर वृक्षारोपड़ अभियान चलाया। जिसमें सरकार के अलावा दिल्लीवासियों का भी सहयोग लिया गया।












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