Kanjhawala Case:अंजलि की सहेली के नशे में होने के दावा खारिज होने के बाद उठ रहे ये सवाल?
दिल्ली के कंझावला केस में पीड़ित अंजलि सिंह की सहेली निधि अपने ही दावों के चलते संदेहों के घेरे में आ गई है। उसने कहा था की अंजलि नशे भी थी, लेकिन ऑटोप्सी में ऐसा नहीं मिला है। सवाल है कि क्या वह झूठ बोल रही है ?

दिल्ली के कंझावला केस में पीड़ित अंजलि सिंह की सहेली के दावे खारिज होने के बाद इस घटना में नया मोड़ आ गया है। अंजलि की सहेली निधि मंगलवार को दावा कर रही थी कि वह डर गई थी,इसलिए अपनी दोस्त को कार के पहिये में फंसा हुआ देखकर भी मरने के लिए छोड़कर दुर्घटना स्थल से भाग खड़ी हुई थी। उसने अंजलि के बहुत ज्यादा नशे में होने का भी दावा किया था। लेकिन, ऑटोप्सी रिपोर्ट में शराब की संभावना खारिज कर दी गई है। इसके अलावा उस दिन निधि के घर पहुंचने का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिससे वह खुद भी सवालों के घेरे में आ गई है।
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अंजलि के नशे में स्कूटी चलाने का दावा खारिज-रिपोर्ट
दिल्ली के कंझावला ऐक्सिटडेंट केस में ऑटोप्सी रिपोर्ट से नया मोड़ आ गया है। इसके मुताबिक 20 साल की पीड़िता अंजलि सिंह के पेट में शराब की मौजूदगी नहीं पाई गई है। यह खुलासा अंजलि के साथ स्कूटी पर मौजूद उसकी दोस्त निधि के दावों के ठीक उलट है। निधि ने मंगलवार को दावा किया था कि ' लड़की (अंजलि) नशे में थी बहुत ज्यादा, वो गाड़ी के नीचे आ गई। लड़की की गलती है, जो इतने नशे में ड्राइविंग कर रही है....मैंने उसे मना किया...मत चला मैं होश में हूं मुझे चलाने दे। उसने मेरे पर विश्वास नहीं किया।' लेकिन, जब ऑटोप्सी रिपोर्ट में अंजलि के नशे में होने का दावा खारिज हो गया तो इस केस को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।

निधि ने सहेली के बहुत ज्यादा नशे में होने का दावा क्यों किया ?
पीड़ित अंजलि की दोस्त पहले से ही सवालों के घेड़े में थी कि वह अंजलि सिंह को हादसे के बाद भी बचाने की जगह यूं ही छोड़कर क्यों भाग गई ? अब उसके नशे में होने की बात भी खारिज हो गई है। सवाल है कि अपनी दोस्त जो कि अब इस दुनिया में भी नहीं है, उसके लिए निधि ने झूठ क्यों बोला ? उसके चरित्र पर सवाल क्यों उठाए ? आने वाले समय में निधि को कानून के सामने भी इस सवाल के जवाब देंने पड़ेंगे।

क्या कंझावला केस की जांच को भटकाना चाहती है निधि ?
नशे वाले बयान गलत निकलने के बाद निधि खुद संदेह के घेरे में आ चुकी है ? सवाल यह भी उठता है कि क्या वह जांच की दिशा को भटकाना चाहती है? ऐसा है तो वह ये सब क्यों कर रही है? अंजलि केस की गुत्थी उलझने से उसे क्या फायदा मिलेगा ? क्या उससे यह सब कहवाया जा रहा है? यदि हां, तो फिर इन सबके पीछे कौन है? गुनहगारों को सजा से बचाने से किसको फायदा मिलेगा ?

क्या कंझावला केस की सच्चाई कुछ और है ?
पीड़ित अंजलि सिंह के परिवार वाले उसकी नृशंस हत्या का आरोप लगा रहे हैं। अंजलि के अंकल ने आरोप लगाया है कि 'यह एक जघन्य हत्या है।' उन्होंने मीडिया वालों के सामने पोस्ट-मॉर्टम रिपोर्ट के हवाले से दावा किया कि अंजलि का ब्रेन अभी तक नहीं मिला है। हालांकि, अंजलि के साथ रेप की आशंकाओं को पहले ही खारिज किया जा चुका है। लेकिन, बुधवार को जो नए तथ्य सामने आए हैं, उससे यह आशंका बढ़ गई है कि क्या इस भयानक दुर्घटना के पीछे कुछ और सच्चाई भी है ?

निधि के सीसीटीवी वीडियो पर सवाल
इस बीच घटना वाली रात निधि के घर के बाहर का एक सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है। निधि रात के करीब 1.36 पर अपने घर पहुंचती (दुर्घटना के बाद) है और काफी देर तक दरवाजा खोलवाने के लिए इधर-उधर भागती है। सीसीटीवी के आधार पर दावा किया जा रहा है कि वहां उसके साथ कोई और भी आया था, जिसकी ओर उसके जाने और कुछ इशारा करने की भी बात कही जी रही है। अगर निधि को घर छोड़ने कोई और आया था तो वो कौन है? यही नहीं, सीसीटीवी फुटेज में यदि निधि ही है तो उसे कोई गंभीर चोट लगी हो ऐसा भी नजर नहीं आता। इसलिए यह मामला बहुत ही उलझ गया है और उसे सुलझाने का जिम्मा निधि पर भी ही आ गया है।

बहुत ही बुरी हालात में मिला था अंजलि का शव
गौरतलब है कि अभी तक की जानकारी के मुताबिक 20 साल की अंजलि सिंह की स्कूटी को शनिवार-रविवार की दरमियानी रात में एक कार ने टक्कर मार दी थी। हादसे के बाद अंजलि कार के अगले बाएं पहिये की ऐक्सल में फंस गई थी और उसपर सवार 5 दरिदों ने उसे उसी स्थिति में करीब 12 किलोमीटर तक घसीट दिया। घटना दिल्ली की सुल्तानपुरी और कंझावला के बीच का है। अंजलि का शव बहुत ही बुरी स्थिति में बरामद हुआ। उसके बदन पर एक भी कपड़े नहीं थे। हालांकि, कार में सवार पांचों आरोपियों को उसी दिन गिरफ्तार कर लिया गया था।












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