'लोगों के मन से टुकड़े-टुकड़े गैंग की धारणा को खत्म करना है ', JNU की वीसी ने हिंसा पर दिया बयान
नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) एक बार फिर गलत कारणों से चर्चा में है। रामनवमी (रविवार, 10 अप्रैल) को जेएनयू परिसर में कथित तौर पर मांसाहारी खाना खाने को लेकर दो छात्र समूहों के बीच हाथापाई हो गई, जिसमें कम से कम छह घायल हो गए। वहीं हाल की हिंसा को संबोधित करते हुए, जेएनयू वीसी शांतिश्री धूलिपुड़ी पंडित ने कहा, "जेएनयू एक स्वतंत्र विश्वविद्यालय है। हम व्यक्तियों की पसंद का सम्मान करते हैं। युवाओं की राय और हम विविधता की सराहना करते हैं, मतभेद भी हो, लेकिन ये हिंसा पर जाकर नहीं होना चाहिए।

उन्होंने कहा, "यह मुद्दा उठा कि क्या 'राम नवमी हवन' आयोजित किया जाना चाहिए और भोजन मेनू के संबंध में। ये दो समूहों के संस्करण हैं। प्रॉक्टोरियल जांच का आदेश दिया गया था और हम रिपोर्ट की प्रतीक्षा कर रहे हैं, यह एक निष्पक्ष जांच होगा।" बता दें कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के कावेरी छात्रावास में रविवार को वामपंथी छात्र संगठन और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से संबद्ध दो समूहों के बीच 'मेस' में रामनवमी पर कथित तौर पर मांसाहारी भोजन परोसे जाने को लेकर झड़प हो गई थी। पुलिस के अनुसार इस झड़प में 20 छात्र घायल हो गए थे।
दरअसल, रामनवमी पर जेएनयू कैंपस में लेफ्ट और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़े छात्रों के बीच भारी झड़प देखी गई थी, जिसमें 20 छात्रों के घायल होने की खबर है। ऐसे में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने रामनवमी पर विश्वविद्यालय परिसर में फैली अशांति को लेकर जेएनयू से रिपोर्ट मांगी है।
इससे पहले हिंसा पर जेएनयू प्रशासन ने अपना बयान देते हुए कहा था कि परिसर में किसी भी तरह की हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही कहा कि छात्रों को ऐसी किसी भी घटना में शामिल नहीं होना को चाहिए, जिससे कैंपस में शांति और सद्भाव खराब हो।












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