पिता के दाह संस्कार के लिए 3 हफ्ते जेल से बाहर रहीं नताशा नरवाल फिर तिहाड़ पहुंचीं, आइसोलेट की गईं

नई दिल्ली। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) की छात्रा नताशा नरवाल ने तिहाड़ जेल के समक्ष सरेंडर कर दिया। नताशा को पिता के निधन के चलते तीन सप्ताह की अंतरिम जमानत दी गई थी। अंतरिम जमानत खत्म होने पर रविवार को वे वापस जेल पहुंचीं। जेल के अधिकारियों ने बताया कि, नताशा के पिता महावीर नरवाल की कोरोना वायरस के संक्रमण से जान चली गई थी। उनके अंतिम संस्कार के लिए अदालत ने नताशा को तीन सप्ताह की जमानत दी थी। अब अगले दो सप्ताह तक नताशा आइसोलेट रहेंगी और उनके स्वास्थ्य पर नजर रखी जाएगी। इसके बाद, उन्हें अन्य कैदियों के बीच रखा जाएगा।

JNU student Natasha Narwal surrendered at Tihar Jail delhi

बताते चलें कि, नताशा नरवाल को जेल दिल्ली दंगों के आरोप में हुई। वर्ष 2020 में सीएए के विरोध में चल रहे प्रदर्शनों के बीच पूर्वोत्तर दिल्ली में सांप्रदायिक हिंसा हुई थी। ​जिसमें कम से कम 53 लोग मारे गए और लगभग 200 घायल हुए।

JNU student Natasha Narwal surrendered at Tihar Jail delhi

नताशा नरवाल 'पिंजरा तोड़' मुहिम की एक्टिविस्ट रही हैं। नताशा के समर्थकों के मुता​बिक, "पिंजरा तोड़" (ब्रेक द केज) की स्थापना वर्ष 2015 में महिला छात्रों के लिए हॉस्टल व पेइंग गेस्ट परिसर से कुछ प्रतिबंध सीमित कराने हेतु की गई थी।

JNU student Natasha Narwal surrendered at Tihar Jail delhi

पिछले साल दिल्ली पुलिस की एक टीम, जो दिल्ली हिंसा मामले की जांच में जुटी थी, ने नताशा को मई महीने में गिरफ्तार किया था। उन्हें तिहाड़ जेल में बंद किया गया। इस साल जब उनके पिता महावीर नरवाल की मौत हुई, तो 10 मई को दिल्ली हाईकोर्ट से नताशा को अंतरिम जमानत मिली। उन्हें तीन सप्ताह के लिए 50 हजार के निजी मुचलके पर सशर्त जमानत दी गई।

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