जरूरत पड़ी तो केंद्र के एमसीडी बिल के खिलाफ जाएंगे कोर्ट, केजरीवाल की चेतावनी
दिल्ली के तीनों नगर निगमों के विलय के लिए केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा में पेश किए गए विधेयक पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सवाल किये जाने पर केजरीवाल ने कहा कि इस बिल को एमसीडी के चुनाव स्थगित करने के उद्देश्य से लाया गया है
नई दिल्ली, 26 मार्च। दिल्ली के तीनों नगर निगमों के विलय के लिए केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा में पेश किए गए विधेयक पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सवाल किये जाने पर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इस बिल को एमसीडी के चुनाव स्थगित करने के उद्देश्य से लाया गया है। हम इस बिल का अध्ययन करेंगे और जरूरत पड़ी तो इसे कोर्ट में चुनौती देंगे। उन्होंने कहा कि इस बिल में वार्डों की संख्या 272 से घाटकर 250 कर दी गई है। इसका क्या मतलब है। इसका सीधा मतलब है कि परिसीमन की प्रक्रिया होगी जिसमें एक-दो साल लग जाएंगे यानी केंद्र सरकार चुनावों को टालना चाहती है। यह बिल एमसीडी को केंद्र सरकार के नियंत्रण में ले जाएगा।

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दिल्ली सरकार ने पेश किया बजट
वहीं दिल्ली की आप सरकार ने आज बजट पेश किया। अरविंद केजरीवाल सरकार द्वारा दिल्ली के लिए यह आठवां बजट पेश किया गया। इस बजट में आने वाले 5 सालों में 20 लाख नौकरियां उत्पन्न करने का वादा किया गया है। बजट को लेकर दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज के बजट का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में 20 लाख नई नौकरियां पैदा करना है। उन्होंने कहा कि यह कोई चुनावी वादा नहीं है, बल्कि इस 'साहसिक और अभिनव' बजट में एक बड़ी घोषणा है। हमारा लक्ष्य नौकरियों की संख्या को कम से कम 12%- 33% से 45% तक बढ़ाना है।
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2047 तक सिंगापुर के बारबर करेंगे प्रति व्यक्ति आय
बजट में 2047 तक दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय सिंगापुर के लोगों के बराबर करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा दिल्ली कि कामकाजी आबादी को अगले पांच सालों में 33 फीसदी से बठाकर 45% करने का लक्ष्य तय किया गया है।












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