DUSU Election Result 2024: अध्यक्ष और संयुक्त सचिव पद पर NSUI का कब्जा, उपाध्यक्ष और सचिव ABVP के होंगे
DUSU Election Result 2024: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनावों की चल रही मतगणना पूरी होने के बाद परिणाम के नतीजे घोषित हो गए हैं। DUSU चुनाव में अध्यक्ष और संयुक्त सचिव पद पर NSUI को जीत मिली है, जबकि ABVP से उपाध्यक्ष और सचिव होंगे।
इस चुनाव में RSS से जुड़े अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP), कांग्रेस समर्थित भारतीय राष्ट्रीय छात्र संघ (NSUI) और अखिल भारतीय छात्र संघ (AISA) तथा भारतीय छात्र संघ (SFI) से मिलकर बने वामपंथी गठबंधन के उम्मीदवार मैदान में थे।

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव 2024 के नतीजों के अनुसार अध्यक्ष पद पर रौनक खत्री (एनएसयूआई) 14531 (जीते) हैं, जबकि ऋषभ चौधरी एबीवीपी 13426 हार गए। उपाध्यक्ष पद पर एबीवीपी के भानु प्रताप 16067 (जीते) हैं और एनएसयूआई के यश नांदल 11572 हार गए।
वहीं सचिव पद पर मित्रवंदा एबीवीपी जीती हैं, जबकि नम्रता जेफ मीना एनएसयूआई को हार का सामना करना पड़ा। ऐसे ही संयुक्त सचिव पद के लिए लोकेश चौधरी एनएसयूआई से जीते हैं, जबकि अमन कपासरिया एबीवीपी को हार मिली है।
डूसू इलेक्शन विनर्स लिस्ट
- अध्यक्ष पद- रौनक खत्री (एनएसयूआई)
- उपाध्यक्ष पद- भानु प्रताप सिंह (एबीवीपी)
- सचिव पद- मित्रविंदा करनवाल (एबीवीपी)
- संयुक्त सचिव पद- लोकेश चौधरी (एनएसयूआई)
सात साल बाद संयुक्त सचिव पद
रौनक खत्री ने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ अध्यक्ष पद जीता और ABVP के ऋषभ चौधरी को 1300 से ज़्यादा वोटों से हराया है। NSUI ने सात साल बाद संयुक्त सचिव पद भी जीता है। जबकि ABVP के भानु प्रताप सिंह ने उपाध्यक्ष पद जीता। साथ ही ABVP ने सचिव पद बरकरार रखा।
डूसू चुनाव की मतगणना में अध्यक्ष, संयुक्त सचिव पद पर NSUI आगे चल रही थी। वहीं, उपाध्यक्ष पद और सचिव पर ABVP आगे चल रही थी। अध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवार ABVP के ऋषभ चौधरी, NSUI के रौनक खत्री और AISA के सावी गुप्ता मैदान में थे। उपाध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवार ABVP के भानु प्रताप सिंह, NSUI के यश नांदल और AISA के आयुष मंडल की किस्मत दांव पर थी।
कुल 21 उम्मीदवार लड़ रहे चुनाव चुनाव
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) के चार प्रमुख पदों- अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महासचिव और संयुक्त सचिव- के नतीजे घोषित हो गए। इन पदों के लिए कुल 21 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं, जिनमें अध्यक्ष पद के लिए आठ, उपाध्यक्ष के लिए पांच और सचिव और संयुक्त सचिव के लिए चार-चार उम्मीदवार मैदान में हैं।
मतदान के करीब दो महीने बाद रिजल्ट
वहीं चार सदस्यीय निकाय में कोषाध्यक्ष और महासचिव पदों के लिए विजेताओं की घोषणा भी सोमवार को की जाएगी। हालांकि मतदान सितंबर में हुआ था, लेकिन दिल्ली हाई कोर्ट की ओर से चुनाव प्रचार के दौरान बड़े पैमाने पर विकृतीकरण (defacement ) के लिए विश्वविद्यालय को फटकार लगाने के बाद मतगणना में देरी हुई थी।
प्रशासन ने अब उम्मीदवारों से एक हलफनामा देने को कहा है कि वे जश्न में मौन रहेंगे। उम्मीदवारों ने एक हलफनामे पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसमें उन्होंने कहा है कि वे "परिणामों की घोषणा के बाद रोड शो और रैलियां नहीं करेंगे" और ढोल, लाउडस्पीकर, पटाखे या पर्चे बांटने जैसी जश्न मनाने वाली गतिविधियों से दूर रहेंगे।
ABVP को अध्यक्ष समेत 3 पदों पर मिली थी जीत
हलफनामे के अनुसार, इन उपायों का पालन न करने पर उम्मीदवार की जीत रद्द हो सकती है या उसे निर्वाचित पद से हटाया जा सकता है। बता दें कि पिछले साल एबीवीपी ने अध्यक्ष समेत 3 पदों पर जीत हासिल की थी, जबकि उपाध्यक्ष की सीट एनएसयूआई के खाते में गई थी।












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