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Diwali से पहले दिल्ली-NCR की हवा 'जहरीली' ! AQI लगातार 8वें दिन 'खराब'

Diwali से पहले दिल्ली में लगातार आठवें दिन एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 'खराब' श्रेणी में रही है। दिवाली के बाद वायु गुणवत्ता और खराब होने की आशंका है। diwali delhi ncr air quality poor aqi after dipawali fire crackers to

Diwali से पहले दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) चिंताजनक है। लगातार आठवें दिन दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के आसपास के शहरों में जहरीला धुंध छा गया है। हवा की गुणवत्ता खराब बनी हुई है। आने वाले दिनों में एयर क्वालिटी और खराब होने की आशंका है। रविवार को लगातार आठवें दिन दिल्ली की वायु गुणवत्ता 'खराब' श्रेणी में दर्ज की गई। दिवाली में आतिशबाजी के कारण दिल्ली-एनसीआर की हवा और दमघोंटू बन सकती है।

Diwali

लोगों की जान सांसत में

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि पटाखों से होने वाले उत्सर्जन के कारण वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) "गंभीर" श्रेणी में जा सकता है। ऐसा होने पर दिल्ली की हवा और भी जहरीली हो सकती है। सर्दियों के मौसम में पराली जलाने जैसे अन्य कारकों से भी हवा दमघोंटू बनने की आशंका है। दिल्ली-एनसीआर की हवा में घुलता धुआं लोगों की जान सांसत में डाल सकता है।

हवा और दमघोंटू होने की आशंका

दिल्ली का ओवरऑल एक्यूआई (overall AQI) रविवार सुबह 10 बजे 243 और शनिवार शाम 265 के आसपास था। बता दें कि सोमवार को रोशनी का त्योहार दिवाली मनाया जाना है, ऐसे में आतिशबाजी के कारण दिल्ली-एनसीआर की हवा और दमघोंटू होने की आशंका है। एक सर्वे के मुताबिक पटाखों पर लगे बैन को ठेंगा दिखाते हुए करीब 39 फीसद लोग आतिशबाजी के लिए तैयार हैं।

पटाखों और पराली से प्रदूषण

बता दें कि राष्ट्रीय राजधानी और एनसीआर के शहरों में हर साल दिवाली के आसपास गंभीर प्रदूषण संकट उभरता है। लोग पटाखे जलाते हैं, इसके बाद सर्दियों की शुरुआत में पराली और अन्य कारकों से हवा में अल्ट्रा-फाइन पीएम 2.5 कण घुलते हैं। हवा में हानिकारक भारी धातुओं और जहरीले रासायनिक यौगिकों को पीएम 2.5 कहते हैं। सांद्रता भी कई गुना बढ़ जाती है।

दिल्ली-NCR की हवा में प्रदूषक तत्व

रिपोर्ट्स के मुताबिक 2021 में हवा में पीएम 2.5 की सांद्रता 234 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर (ug/m3) थी। दीवाली की आधी रात बाद 3 बजे पीएम 2.5 औसत से एक रात पहले 729 ug/m3 पर पहुंच गया था। बता दें कि पराली जलाने से होने वाले प्रदूषकों को पीएम 2.5 प्रदूषण का प्रमुख कारण माना जाता है। हवा की धीमी गति के कारण अब तक ये स्तर कम रहा है। हालांकि, सोमवार दोपहर से हवा की दिशा और गति बहुत अनुकूल होने की संभावना जताई जा रही है। अनुमान के मुताबिक 25 अक्टूबर को दिल्ली के PM2.5 प्रदूषण में पराली जलाने की हिस्सेदारी बढ़कर 15-18 प्रतिशत हो जाएगी। ऐसे में दिल्ली-NCR में हवा की गुणवत्ता 'गंभीर' श्रेणी में चली जाएगी।

बाहरी काम और मेहनत पर SAFAR

दिल्ली-NCR में हवा की गुणवत्ता देखने के लिए SAFAR (वायु गुणवत्ता और मौसम पूर्वानुमान और अनुसंधान की प्रणाली) की मदद ली जाती है। लोगों को सलाह दी गई है कि प्रदूषण के प्रति संवेदनशील लोग लंबे समय तक बाहरी गतिविधियों या भारी परिश्रम को कम करें। निरंतर ब्रेक लेने की भी सलाह दी गई है।

प्रदूषण पर मेडिकल एजवाइजरी

SAFAR ने एडवाइजरी में कहा, अस्थमैटिक्स, खांसी या सांस की तकलीफ के लक्षण होने पर दवाओं को भी तैयार रखने की सलाह दी जाती है। अगर धड़कनें असामान्य हों, सांस लेने में तकलीफ या असामान्य थकान हो तो डॉक्टर से मिलें। खास तौर पर दिल के मरीजों को इन लक्षणों के प्रति एक्सट्रा अलर्ट रहने को कहा गया है।

प्रदूषण रोकने के सरकारी उपाय

गौरतलब है कि दिल्ली सरकार ने इस साल पटाखों के उत्पादन, भंडारण, बिक्री और फोड़ने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। सरकार ने कहा है कि उल्लंघन करने पर जुर्माना और जेल की सजा हो सकती है। हालांकि, हरियाणा में बैन न होने के कारण लोग आसपास के शहरों से से पटाखे खरीद चुके हैं। ऐसे में दिल्ली सरकार का प्रतिबंध लोगों को आतिशबाजी से रोकने में विफल रहा है। प्रदूषण की गंभीरता भांपते हुए दिल्ली सरकार ने वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को कम करने के लिए अगले महीने से 'रेड लाइट ऑन गाडी ऑफ' अभियान शुरू करने की घोषणा भी की है।

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