Diwali 2023: दिवाली पर दिल्ली-एनसीआर में 32 फीसदी परिवारों की पटाखे फोड़ने की योजना, सर्वे में खुलासा
दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण का स्तर सोमवार (06 नवंबर) को सरकार की ओर से निर्धारित मानक से लगभग सात से आठ गुना अधिक दर्ज किया गया है। ऐसे में इस बार दीपावली के दिन बड़ी संख्या में लोगों ने पटाखे जलाने से दूर रहने की योजना बनाई है। वहीं एक सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक 32 प्रतिशत लोग पटाखे जलाकर दिवाली मानाना चाहते हैं। जबकि 43 प्रतिशत लोगों ने दिल्ली में प्रदूषण को लेकर चिंता व्यक्त की है। ये दावा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किए गए एक सर्वेक्षण से सामने आया है।
दिल्ली में प्रदूषण को लेकर रिपोर्ट्स के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर में सोमवार सुबह प्रदूषण का स्तर सरकार द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से लगभग सात से आठ गुना अधिक दर्ज किया गया। क्योंकि इस क्षेत्र में लगातार सातवें दिन जहरीली धुंध बनी रही। लोकलसर्कल्स के सर्वेक्षण के अनुसार, जिसे दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद के निवासियों से 9,000 से अधिक प्रतिक्रियाएं मिलीं, बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध के बावजूद दिल्ली-एनसीआर में 32 प्रतिशत परिवारों द्वारा इस दिवाली पर पटाखे फोड़े जाने की संभावना है।

सर्वे में सामने आया है कि कई दिल्ली के परिवारों का मानना है कि अक्टूबर के अंत से नवंबर की शुरुआत तक दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण का मुख्य कारण पड़ोसी राज्यों में पराली जलाना है। एक रिपोर्ट के अनुसार, हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों में पटाखों की बिक्री प्रतिबंधित नहीं है। पिछले कुछ वर्षों में, दिल्ली के निवासियों को इन राज्यों से पटाखे खरीदते देखा गया है।












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