बढ़ती ठंड के बीच दिल्ली के स्कूलों ने बदला नियम, खुले मैदानों में नहीं होगी प्रार्थना, गर्म पानी भी होगा उपलब्ध
Delhi Schools: राजधानी दिल्ली में मौसम का मिज़ाज अचानक बदलने लगा है। सुबह की शुरुआत तेज़ ठंडी हवा और धुंध के साथ हो रही है, जबकि शाम होते-होते शहर पर ठंड का असर और गहरा जाता है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में शीतलहर और घने कोहरे की चेतावनी दी है, जिससे बच्चों की सेहत पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
इसी वजह से शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों के लिए कई खास तैयारियां शुरू कर दी हैं, ताकि लाखों बच्चों को इस कड़ाके की ठंड से बचाया जा सके। स्कूलों में गुनगुना पानी, गर्म भोजन, कक्षाओं में प्रार्थना सभा और बच्चों के कपड़ों की रोजाना जांच जैसी व्यवस्थाएं लागू की जा रही हैं। इन नए निर्देशों से सर्दी के मौसम में पढ़ाई से लेकर स्वास्थ्य तक, हर स्तर पर छात्रों को बेहतर सुविधा देने की कोशिश की जा रही है।

गुनगुने पानी की सुविधा अनिवार्य
निदेशालय ने निर्देश दिया है कि सभी स्कूल छात्रों को ठंड खत्म होने तक पीने के लिए गुनगुना पानी उपलब्ध कराएंगे। इसके लिए सरकारी स्कूल अपने एसएमसी फंड का इस्तेमाल कर सकते हैं। स्कूलों में इलेक्ट्रिक केटल, इंसुलेटेड जग और पानी गर्म करने वाले उपकरण खरीदे जाएंगे, ताकि दिनभर बच्चों को गर्म पानी मिलता रहे। स्कूलों को यह भी कहा गया है कि इन उपकरणों का इस्तेमाल करते समय सुरक्षा का पूरा ख्याल रखा जाए और जिम्मेदार कर्मचारी ही इन्हें चलाएं।
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प्रार्थना सभा अब कक्षाओं में
ठंड के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए सुबह की प्रार्थना सभा खुले मैदान की बजाय कक्षाओं में ही कराई जाएगी। इससे छोटे बच्चों को कड़ी ठंड से राहत मिलेगी। इसके साथ ही स्कूलों को बाहर होने वाली गतिविधियों जैसे खेल, दौड़ या लंबे समय तक आउटडोर क्लास पर रोक लगाने का निर्देश दिया गया है, ताकि बच्चे ठंड में ज्यादा देर तक न रहें।
बच्चों के गर्म कपड़ों की रोज जांच
शिक्षकों को हर सुबह यह देखना होगा कि बच्चे सही तरीके से गर्म कपड़े पहनकर आए हैं या नहीं। जिन बच्चों के पास सर्दियों के कपड़ों की कमी है, उनकी अलग सूची बनाई जाएगी। प्रधानाचार्य जरूरत पड़ने पर एसएमसी की मदद से ऐसे बच्चों को गर्म कपड़े उपलब्ध कराने की व्यवस्था कर सकते हैं, ताकि कोई भी बच्चा ठंड के कारण परेशानी में न रहे।
मिड-डे मील में गर्म-गर्म परोसना जरूरी
मिड-डे मील को समय पर बांटने और गर्म रहते हुए परोसने पर खास जोर दिया गया है। ठंड के मौसम में गर्म खाना बच्चों की सेहत के लिए मददगार माना जाता है। स्कूलों को इसके लिए रसोई और वितरण व्यवस्था पर रोज निगरानी रखने को कहा गया है।
स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर विशेष ध्यान
शिक्षा निदेशक वेदिता रेड्डी ने कहा कि सर्दियों में बच्चों, खासकर छोटे क्लास के छात्रों को ज्यादा परेशानी होती है। ठंड और मौसम बदलने से खांसी-जुकाम जैसी दिक्कते बढ़ जाती हैं। इसी कारण स्कूलों को मौसम के अनुसार वातावरण तैयार करने को कहा गया है। निदेशालय की टीम जिला और जोन स्तर पर औचक निरीक्षण भी करेगी। यदि किसी स्कूल ने दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया, तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।
लाखों छात्रों को मिलेगा सीधा फायदा
दिल्ली में करीब 1200 सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल हैं, जिनमें लगभग 16.6 लाख छात्र पढ़ते हैं। नए आदेश से इन सभी बच्चों को ठंड के दिनों में राहत मिलेगी। इसके अलावा राजधानी में लगभग तीन हजार निजी स्कूल भी हैं, जिनमें करीब 28 लाख बच्चे पढ़ रहे हैं। निर्देश सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों पर लागू होंगे।
रोजाना मॉनिटरिंग से व्यवस्था रहेगी सख्त
निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि इन सभी व्यवस्थाओं की रोजाना मॉनिटरिंग की जाएगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सुविधा को लेकर कोई लापरवाही न हो। स्कूल प्रमुखों को भी दिनभर की स्थिति पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर तुरंत कदम उठाने की हिदायत दी गई है।
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