Delhi Racial Abuse case: 'दिल्ली में नफरत की कोई जगह नहीं, रेसियल एब्यूज केस में 3 छात्राओं से मिलीं CM रेखा
Delhi Racial Abuse case: दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर में अरुणाचल प्रदेश की तीन युवतियों के साथ कथित नस्लीय दुर्व्यवहार के मामले ने राजधानी को झकझोर दिया है। इस बीच मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 25 फरवरी को पीड़ित छात्राओं से मुलाकात कर साफ कहा कि दिल्ली में नफरत, भेदभाव और रेसियल एब्यूज की कोई जगह नहीं है।
"साहसी हैं बेटियां" CM रेखा गुप्ता का संदेश
मुख्यमंत्री ने छात्राओं को साहसी और उज्ज्वल भविष्य वाली बताया। उन्होंने उस समुदाय के प्रतिनिधिमंडल से भी मुलाकात की, जिससे ये छात्राएं आती हैं, और पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया। रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली विविधता और आपसी सम्मान का शहर है और दोषियों के खिलाफ सबसे कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि इस संवेदनशील मामले का राजनीतिकरण न किया जाए और छात्राओं की गरिमा व निजता का सम्मान किया जाए।

क्या है पूरा मामला (Malviya Nagar Racial Abuse Case Incident)
दिल्ली पुलिस के मुताबिक 20 फरवरी को दोपहर करीब साढ़े तीन बजे यह विवाद शुरू हुआ। छात्राएं अपने किराए के फ्लैट में बिजली का काम करा रही थीं। ड्रिलिंग के दौरान नीचे के फ्लैट में धूल और मलबा गिरने पर पड़ोसियों से कहासुनी हो गई। आरोप है कि इस दौरान दंपति ने आपत्तिजनक और नस्लीय टिप्पणियां कीं, अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल किया और धमकी दी।
पुलिस ने मालवीय नगर थाने में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत हर्ष सिंह और उनकी पत्नी रूबी जैन के खिलाफ मामला दर्ज किया। शारीरिक चोट की बात सामने नहीं आई, लेकिन छात्राओं ने मानसिक उत्पीड़न और अपमान का आरोप लगाया। जांच के दौरान अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धाराएं भी जोड़ी गईं। रूबी जैन को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की जांच वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में जारी है।
वीडियो जांच के दायरे में (Video Evidence Racial Abuse Case)
घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयान के साथ वीडियो की भी जांच कर रही है।
सह-आरोपी हर्ष सिंह ने कहा कि उनका परिवार जांच में पूरा सहयोग कर रहा है और उन्हें न्याय व्यवस्था पर भरोसा है। उन्होंने घटना पर शर्म जताई और कहा कि गुस्से में बात बढ़ गई। साथ ही मीडिया ट्रायल से बचने की अपील की और सोशल मीडिया पर हो रही ट्रोलिंग की शिकायत भी की। उन्होंने उत्तर-पूर्व के लोगों से माफी भी मांगी।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर राजधानी में संवेदनशीलता और सामाजिक सद्भाव पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकार का संदेश साफ है कि दिल्ली में किसी भी तरह के नस्लीय व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।












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