Delhi Pollution: दिल्ली में GRAP-IV लागू, 50% वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य, क्या खुला-क्या बंद जानें नई गाइडलाइन
Delhi Pollution GRAP 4 Guidelines: दिल्ली-एनसीआर एक बार फिर गंभीर वायु प्रदूषण की गिरफ्त में आ गया है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि सरकार को आपात कदम उठाने पड़े हैं। राजधानी में हवा की गुणवत्ता लगातार 'सीवियर प्लस' श्रेणी में पहुंचने के बाद ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) स्टेज-IV लागू कर दिया गया है।
यह प्रदूषण नियंत्रण का सबसे सख्त चरण माना जाता है, जिसके तहत दफ्तरों, स्कूलों, वाहनों और निर्माण कार्यों पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं। आइए जानते हैं राजधानी में आम जनता के लिए क्या खुला-क्या बंद रहेगा...

AQI ने तोड़ा रिकॉर्ड, 'सीवियर प्लस' में पहुंची हवा
17 दिसंबर की सुबह दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 329 दर्ज किया गया, जो सबसे खराब स्तरों में से एक है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, इससे एक दिन पहले ही हवा 'सीवियर' श्रेणी में पहुंच चुकी थी और हालात तेजी से बिगड़ते हुए 'सीवियर प्लस' जोन में चले गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने तत्काल प्रभाव से GRAP-IV लागू करने का फैसला किया।
राजधानी पर छाया घना स्मॉग आम लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया। कई इलाकों में सड़क हादसे, वाहनों की टक्कर और लंबे जाम की स्थिति बनी। खराब दृश्यता के कारण कई उड़ानें रद्द हुईं या देरी से चलीं, जिसको लेकर दिल्ली एयरपोर्ट और एयरलाइंस को एडवाइजरी जारी करनी पड़ी।
दफ्तरों में 50% वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य
प्रदूषण संकट के बीच दिल्ली सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए सभी सरकारी और निजी दफ्तरों में 50 प्रतिशत वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य कर दिया है। GRAP-4 लागू होने पर मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा, "दिल्ली सरकार ने लेबर डिपार्टमेंट के ज़रिए जो दूसरा फैसला लिया है, वह बहुत जरूरी है। जैसा कि आप सभी जानते हैं, दिल्ली में हमारे क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन ने कुछ गाइडलाइंस जारी की थीं, और बाद में पर्यावरण मंत्रालय ने भी कुछ गाइडलाइंस जारी कीं। इन निर्देशों का पालन करते हुए, लेबर डिपार्टमेंट ने निर्देश दिया है कि कल से दिल्ली में सभी सरकारी और प्राइवेट संस्थानों में ज़्यादा से ज़्यादा सिर्फ़ 50% अटेंडेंस की इजाजत होगी।"
निर्माण मजदूरों को 10 हजार का मुआवजा
GRAP-IV के तहत सभी निर्माण और तोड़फोड़ गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इससे प्रभावित पंजीकृत निर्माण मजदूरों को दिल्ली सरकार ₹10,000 का मुआवजा देगी। सरकार का कहना है कि यह कदम उन मजदूरों को आर्थिक राहत देने के लिए उठाया गया है, जिनकी आजीविका अस्थायी रूप से प्रभावित हुई है।
GRAP-IV के तहत क्या-क्या प्रतिबंध?
GRAP-IV के तहत दिल्ली और पूरे एनसीआर (नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद सहित) में सख्त नियम लागू किए गए हैं।
- स्कूल और कॉलेज
- नर्सरी से कक्षा 5 तक की पढ़ाई पूरी तरह ऑनलाइन
- कक्षा 6 से 9 और कक्षा 11 के लिए हाइब्रिड मोड (ऑनलाइन + ऑफलाइन)
- दफ्तर और संस्थान
- सरकारी और निजी दफ्तरों में केवल 50% स्टाफ ऑन-साइट
- शेष कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम
- फ्लेक्सी टाइम अपनाने की सलाह
BS-VI से नीचे के गैर-दिल्ली वाहनों की एंट्री पर रोक, PUC सर्टिफिकेट नहीं होने पर पेट्रोल पंप से ईंधन नहीं मिलेगा। कैमरों के जरिए नियम तोड़ने वाले वाहनों की पहचान होगी।
निर्माण और औद्योगिक गतिविधियां
सभी निर्माण और तोड़फोड़ कार्य पूरी तरह बंद रहेंगे। सड़क, हाईवे, फ्लाईओवर, पाइपलाइन, बिजली और टेलीकॉम से जुड़े काम भी शामिल हैं। होटल और रेस्टोरेंट, कोयला और लकड़ी के तंदूर पर प्रतिबंध, केवल गैस या इलेक्ट्रिक तंदूर की अनुमति मिली है।
क्या-क्या सेवाएं रहेंगी चालू?
सख्त प्रतिबंधों के बावजूद कई जरूरी सेवाओं को छूट दी गई है-
- दिल्ली मेट्रो और डीटीसी बस सेवाएं पूरी तरह चालू
- CNG, LNG और इलेक्ट्रिक वाहन, साथ ही BS-VI डीजल ट्रक को अनुमति
- हवाई अड्डे और रेलवे सेवाएं सामान्य रूप से संचालित
- स्वास्थ्य सेवाएं, फायर ब्रिगेड, बिजली-पानी, नगर निगम और आपदा प्रबंधन सेवाएं पूरी तरह सक्रिय
- प्रदूषण नियंत्रण और निगरानी से जुड़े विभागों को विशेष छूट
फिलहाल राहत की उम्मीद कम
हालांकि तेज हवाओं से कुछ अस्थायी राहत जरूर मिली है, लेकिन जब तक मौसम पूरी तरह अनुकूल नहीं होता और प्रदूषण के स्रोतों पर सख्ती से नियंत्रण नहीं किया जाता, तब तक दिल्ली-एनसीआर में हालात सामान्य होने की उम्मीद कम ही है। फिलहाल GRAP-IV के सख्त नियमों के साथ राजधानी को इस प्रदूषण संकट से उबारने की कोशिश जारी है।












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