दिल्ली प्रदूषण : आप सरकार का Red Light ON Gaadi OFF अभियान, LG ने वापस लौटाई फाइल, भड़के मंत्री गोपाल राय
Delhi Pollution पर एक बार फिर उपराज्यपाल विनय सक्सेना और केजरीवाल सरकार आमने सामने है। Red Light ON Gaadi OFF Campaign पर सवाल खड़ा किया जा रहा है। delhi pollution gopal rai lieutenant governor vinay saxena Red Light ON
Delhi Pollution भारत की राष्ट्रीय राजधानी की प्रतिष्ठा के लिहाज से यक्षप्रश्न बनता जा रहा है। दिल्ली सरकार प्रदूषण कम करने के दावे करने के साथ कई अभियानों के सहारे प्रदूषण पर लगाम कसने की जद्दोजहद कर रही है। एक नवंबर से Red Light ON, Gaadi OFF Campaign शुरू हो रहा है। इस पर उपराज्यपाल विनय सक्सेना ने सवाल खड़े किए हैं।

यूपी की सरकारी बसों का घुआं
दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) बेहद खराब श्रेणी में है। एक्यूआई बिगड़ने पर आप सरकार में मंत्री गोपाल राय ने कहा है कि यूपी की बसों से निकलने वाला धुआं प्रदूषण के लिए जिम्मेदार है। वाहनों के उत्सर्जन को जिम्मेदार ठहराते हुए दिल्ली के मंत्री गोपाल राय ने दावा किया कि यूपी में चलने वाली सरकारी बसों से निकलने वाला धुआं राष्ट्रीय राजधानी के कुछ इलाकों में प्रदूषण बढ़ने का प्रमुख कारण रहा है।
बता दें कि दिल्ली की वायु गुणवत्ता लगातार खराब हो रही है, दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल ने राष्ट्रीय राजधानी में दमघोंटू प्रदूषण पर दावा किया कि दिल्ली के आनंद विहार और विवेक विहार में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) यूपी सरकार की बसों से उत्सर्जन के कारण खराब श्रेणी में है।
आप नेता ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अनुरोध किया कि वे राज्य में दिल्ली के सीमावर्ती इलाकों में चलने वाली बसों पर पैनी नजर रखें। बता दें कि दिल्ली में हवा की गुणवत्ता रविवार को भी 'बेहद खराब' श्रेणी में बनी रही। शहर का समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 350 दर्ज किया गया।
इसी बीच शनिवार को दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने अरविंद केजरीवाल सरकार से 'रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ' अभियान (Red Light ON, Gaadi OFF Campaign) पर पुनर्विचार करने को कहा। वीके सक्सेना ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को फाइल लौटाते हुए इस तरह के 'तदर्थ' उपाय (ad-hoc measures) की प्रभावशीलता पर सवाल उठाया।
क्या LG ट्रैफिक कॉन्सटेबल भी हटाएंगे ?
इसके बाद दिल्ली के उपराज्यपाल पर निशाना साधते हुए गोपाल राय ने कहा कि अगर दिल्ली में 'रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ' अभियान लागू किया गया तो वाहनों से होने वाले उत्सर्जन में 15 से 20 फीसदी की कमी आएगी, लेकिन दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने अभियान को रोक दिया है। उन्होंने सवाल किया कि वॉलेंटियर्स (Civil Defence Volunteers) की जान खतरे में बताने वाले उपराज्यपाल आने वाले दिनों में ट्रैफिक पुलिस को भी वापस लेंगे।
गोपाल राय ने कहा, दिल्ली सरकार उपराज्यपाल द्वारा उठाए गए सभी सवालों का जवाब देगी। उनकी मंजूरी के लिए फाइल फिर से जमा किया जाएगा। उपराज्यपाल की निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करते हुए गोपाल राय ने कहा, "दिल्ली के उपराज्यपाल दिल्ली के लोगों की सांसों से राजनीति कर रहे हैं।"
गौरतलब है कि 'रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ' अभियान पहली बार 16 अक्टूबर, 2020 को शुरू किया गया था। इसके तहत ड्राइवरों को ट्रैफिक लाइट रेड होने पर बत्ती हरी होने का इंतजार करने और गाड़ी खड़ी रहने तक वाहनों का इंजन बंद करने को प्रोत्साहित किया जाता है। केजरीवाल सरकार के मुताबिक दिल्ली में वाहनों के प्रदूषण को कम करने के लिए यह अभियान शुरू किया गया था। सर्दियों के मौसम में दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बढ़ने के प्रमुख कारकों में सिग्नल पर खड़ी होने वाली गाड़ियां हैं।
छठ पूजा पर राजनीति
दीपावली की आतिशबाजी के बाद अब राष्ट्रीय राजधानी में छठ महापर्व को लेकर भी राजनीति तेज होती दिख रही है। चार दिवसीय महापर्व का तीन दिन बीत चुका है लेकिन सत्तारूढ़ आप और विपक्षी पार्टी भाजपा के बीच यमुना नदी में प्रदूषण और त्योहार के लिए घाटों पर तैयारियों को लेकर वाकयुद्ध शुरू हो गया है। उपराज्यपाल ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर प्रदूषण के कारण यमुना में जमने वाले झाग का संज्ञान लेने को कहा था।
यमुना नदी में छठ महापर्व
यमुना नदी में प्रदूषण और छठ पूजा समिति के सदस्यों द्वारा व्यवस्थाओं पर असंतोष व्यक्त करने के बारे में पूछे जाने पर, दिल्ली के मंत्री गोपाल राय ने कहा, "सरकार नदी को साफ करने के लिए काम कर रही है। अरविंद केजरीवाल ने यमुना को साफ करने के लिए 5 साल मांगे हैं। वर्षों का गलत काम दो दिनों में स्वच्छ या पहले जैसा नहीं किया जा सकता है।" बता दें कि दिल्ली में इस बार छठ पूजा के लिए 1100 घाट तैयार किए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि भाजपा शासन के समय केवल 40 स्थानों पर व्यवस्था की गई थी।












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