Delhi Air Pollution: दिल्ली की हवा हुई 'बहुत खराब', GRAP का दूसरा चरण लागू! जानें आगे होगा क्या?
Delhi Air Pollution: दिवाली पर्व आने के एक सप्ताह पहले ही, दिल्ली की हवा खराब होती जा रही है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) का स्तर 'बहुत खराब' श्रेणी में पहुंच गया है। बीते दिन यानी सोमवार (21 अक्टूबर) को दिल्ली का 24 घंटे का औसत AQI 310 दर्ज किया गया, जो रविवार (20 अक्टूबर)के 277 AQI से ज्यादा है।
यह स्थिति केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के वायु गुणवत्ता बुलेटिन में दर्ज की गई, जिससे राजधानी में प्रदूषण की निगरानी करने वाले, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के अधिकारियों को ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का दूसरा चरण लागू करना पड़ा।

वायु प्रदूषण के मुख्य कारण
इस समय दिल्ली में प्रदूषण के बढ़ने के कई कारण हैं, जैसे प्रतिकूल मौसम, उच्च स्थानीय उत्सर्जन, और पटाखों के अवैध इस्तेमाल। इसके कारण हवा में धुंध की परत जम गई, जो कई दिनों तक बनी रह सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि पराली जलाने की घटनाएं भी दिल्ली की वायु गुणवत्ता को और खराब कर रही हैं। अनुमान है कि पराली जलाने का योगदान धीरे-धीरे बढ़ेगा, जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है।
GRAP के दूसरे चरण में क्या है?
- डीजल जनरेटरों का प्रतिबंध: उन जनरेटरों के इस्तेमाल पर रोक लगाई गई है, जो उत्सर्जन शमन उपकरणों से लैस नहीं हैं।
- पार्किंग शुल्क में वृद्धि: निजी परिवहन के उपयोग को हतोत्साहित करने के लिए पार्किंग शुल्क को दोगुना किया जा रहा है। सामान्य स्लैब के तहत चार पहिया वाहनों के लिए प्रति घंटे ₹20 और दो पहिया वाहनों के लिए ₹10 शुल्क लिया जा रहा था, जिसे अब बढ़ाकर दोगुना कर दिया जाएगा।
- पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुविधा बढ़ाई जाएगी: दिल्ली मेट्रो ने अपने रूट पर 40 अतिरिक्त ट्रिप चलाने की घोषणा की है और यदि प्रदूषण का तीसरा चरण लागू होता है तो 20 और ट्रिप जोड़ी जाएंगी।
वायु प्रदूषण का स्वास्थ्य पर प्रभाव
विशेषज्ञों के अनुसार, दिल्ली की हवा में मौजूद धूल के कण फेफड़ों के लिए बेहद हानिकारक हो सकते हैं। यह पार्टिकुलेट मैटर (PM 2.5 और PM 10) फेफड़ों की गहराई तक पहुंच सकता है और कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है, जैसे अस्थमा, फेफड़ों के कैंसर, हृदय रोग आदि। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को इससे अधिक खतरा है।
फोर्टिस हेल्थकेयर के वरिष्ठ डॉक्टर, डॉ. विकास मौर्य के अनुसार, "धूल के कणों के कारण फेफड़ों में सूजन हो सकती है, जिससे अस्थमा के मरीजों की स्थिति और खराब हो सकती है।"
24 अक्टूबर तक जहरीली रहेगी दिल्ली की हवा!
मौसम विभाग और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के अनुसार, आने वाले दिनों में वायु गुणवत्ता और खराब हो सकती है। अनुमान है कि 24 अक्टूबर तक AQI 'बहुत खराब' श्रेणी में बना रहेगा। मौसम संबंधी स्थितियों में कोई बड़ा सुधार नहीं देखा जा रहा है, और हवाओं के शांत होने के कारण प्रदूषक तत्व वातावरण में जमे रहेंगे। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि जिन लोगों को सांस की बीमारियां हैं, उन्हें घर के अंदर रहना चाहिए, मास्क पहनना चाहिए, और जितना संभव हो उतना धूल से बचना चाहिए।
दिल्ली की वायु गुणवत्ता गंभीर रूप से खराब हो चुकी है और इसके कारण लोगों की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है। सरकार ने GRAP के तहत कई कड़े कदम उठाए हैं, लेकिन नागरिकों को भी अपने स्तर पर एहतियात बरतने की जरूरत है। अगर जल्द ही प्रदूषण को नियंत्रित नहीं किया गया तो स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं और बढ़ सकती हैं।












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