SWAT Commando Kajal Murder: 'मैंने तेरी बहन की हत्या कर दी, आकर लाश ले जा', पत्नी के भाई से पति-5 मिनट का खौफ
Delhi Police SWAT Commando Kajal Murder: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल (SWAT यूनिट) में तैनात 27 वर्षीय महिला कांस्टेबल काजल की मौत ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। उसके पति अंकुर चौधरी (28) ने कथित तौर पर धातु के डंबल से उस पर बेरहमी से हमला किया, सिर दरवाजे के फ्रेम पर पटका और गंभीर चोटें पहुंचाईं। घटना के बाद काजल को पहले द्वारका के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे ब्रेन डेड घोषित किया। 25 जनवरी को गाजियाबाद के एक अस्पताल में शिफ्ट होने के बाद 27 जनवरी की सुबह करीब 6 बजे उसने दम तोड़ दिया।
पुलिस ने मामले को पहले हत्या के प्रयास में दर्ज किया था, लेकिन मौत के बाद इसे हत्या में बदल दिया गया। अंकुर को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। काजल के भाई निखिल (जो खुद दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल हैं) ने घटना के आखिरी 5 मिनट की पूरी कहानी बताई है - जो सुनकर रूह कांप जाती है। आइए पूरी घटना को सिलसिलेवार और विस्तार से समझते हैं....

Who Was Kajal: काजल कौन थी? उसका सफर और पहचान
काजल मूल रूप से हरियाणा के गनौर की रहने वाली थीं। 2022 में उन्होंने दिल्ली पुलिस कांस्टेबल के रूप में भर्ती ली। कमांडो ट्रेनिंग पूरी करने के बाद उन्हें स्पेशल सेल की SWAT यूनिट में तैनात किया गया। SWAT (Special Weapons and Tactics) दिल्ली पुलिस की एलीट कमांडो फोर्स है, जो आतंकवाद, हाई-रिस्क ऑपरेशन और क्राइसिस सिचुएशन में काम करती है।

काजल एक ट्रेंड कमांडो थीं- फायरिंग, हैंड-टू-हैंड कॉम्बैट, हाई-रिस्क रेस्क्यू में माहिर। उनका छोटा भाई निखिल भी दिल्ली पुलिस में पार्लियामेंट स्ट्रीट ACP ऑफिस में कांस्टेबल हैं। नवंबर 2023 में काजल ने अंकुर चौधरी से प्रेम विवाह किया था। दोनों का एक डेढ़ साल का बेटा है।
Delhi Police SWAT Commando Kajal Murder Timeline: 22 जनवरी की रात क्या हुआ?
रात करीब 10 बजे अंकुर ने काजल के भाई निखिल को फोन किया। बातचीत की शुरुआत घरेलू झगड़े और कथित दहेज की मांग से हुई। अंकुर ने कहा, 'तुम्हारी बहन मुझसे झगड़ा कर रही है।' काजल ने फोन लिया और वह भाई को सारी बात समझाने की कोशिश करने लगी। तभी अंकुर ने फोन छीन लिया। अंकुर ने धमकी दी- उसने निखिल से कहा कि वह बातचीत रिकॉर्ड कर ले और सबूत रख ले, क्योंकि 'वह काजल को जान से मार देगा।'

चीखें और फोन कटना। निखिल ने फोन पर काजल की चीखें सुनीं। अंकुर ने डंबल से हमला किया और सिर दरवाजे के फ्रेम पर पटका। चीखें सुनाई दीं और अचानक फोन कट गया। 5 मिनट बाद दूसरा कॉल- अंकुर ने फिर फोन किया और ठंडे लहजे में कहा - 'मैंने तेरी बहन की हत्या कर दी है। आकर शव ले जा।'
निखिल ने तुरंत दिल्ली के लिए निकल लिया। आधी रात को पहुंचे, तो काजल को पहले ही द्वारका के निजी अस्पताल में भर्ती कराया जा चुका था। डॉक्टरों ने जांच के बाद ब्रेन डेड घोषित कर दिया। 25 जनवरी को गाजियाबाद शिफ्ट किया गया और 27 जनवरी सुबह 6 बजे मौत हो गई।

पुलिस जांच में क्या मिला?
पहले हत्या का प्रयास 307, और बाद में हत्या 302 में FIR दर्ज हुई। अंकुर को घटना वाली रात ही गिरफ्तार कर लिया गया। उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। परिवार का आरोप है कि अंकुर दहेज के लिए परेशान करता था और मारपीट करता था। स्पेशल पुलिस कमिश्नर (लॉ एंड ऑर्डर, जोन-2) मधु तिवारी ने कहा कि मामले की गहन जांच चल रही है। दोषी पर सख्त कार्रवाई होगी।

क्यों हुआ यह हादसा? घरेलू हिंसा या दहेज का मामला?
पुलिस और परिवार के बयानों से दो मुख्य कारण सामने आ रहे हैं-
- घरेलू झगड़े - रोजमर्रा के विवाद बढ़ते गए।
- दहेज की मांग - काजल के परिवार का आरोप है कि अंकुर दहेज के लिए दबाव बनाता था।
काजल दिल्ली पुलिस की कमांडो थीं - फिटनेस, ट्रेनिंग और डिसिप्लिन में माहिर। लेकिन घर में उन्हें वैसा सम्मान नहीं मिला, जितना उनकी वर्दी और बहादुरी का हक था।
समाज और पुलिस के लिए सबक
- महिला पुलिसकर्मियों को घरेलू हिंसा से सुरक्षा की जरूरत।
- दहेज और घरेलू हिंसा के खिलाफ सख्त कानून लागू करने की जरूरत।
- प्रेम विवाह के बाद भी परिवार और समाज का सपोर्ट जरूरी।
काजल की मौत सिर्फ एक घरेलू हिंसा का मामला नहीं - यह उस महिला की कहानी है, जो बाहर दुश्मनों से लड़ती थी, लेकिन घर में सुरक्षित नहीं थी।












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