दिल्ली: किसान आंदोलन के पक्ष में पोस्ट लिखने वाला सिपाही बर्खास्त, पीएम और गृह मंत्री पर अभद्र कमेंट के आरोप
दिल्ली। केंद्र की मोदी सरकार की नीतियों की आलोचना और किसान आंदोलन के पक्ष में सोशल मीडिया पर पोस्ट करने वाले सिपाही मनीष मीना को दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने सेवा से बर्खास्त कर दिया है। मनीष मीना पर आरोप है कि उसने किसान आंदोलन के समर्थन में लिखा और केंद्र सरकार समेत प्रधानमंत्री, गृहमंत्री पर अभद्र टिप्पणी की। जानकारी के मुताबिक, मनीष मीना ने एक पोस्ट में किसान आंदोलन का समर्थन करते हुए लिखा था कि किसान विरोधी पार्टियों को सत्ता में रहने का कोई अधिकार नहीं है। सिपाही के खिलाफ दिल्ली पुलिस कमिश्नर राकेश अस्थाना को आईटी विंग से शिकायत मिली थी कि उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर अपमानजनक टिप्पणी करते हुए किसान आंदोलन के समर्थन में सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखा था।

दिल्ली के सब्जीमंडी थाने में तैनात कांस्टेबल मनीष मीना के खिलाफ 9 अक्टूबर 2021 को शिकायत मिली थी जिसकी जांच कराई गई। नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट की एडिशनल डीसीपी अनीता रॉय ने जांच में शिकायत को सही पाया जिसके बाद दिल्ली पुलिस कमिश्नर राकेश अस्थाना ने एक्शन लेते हुए कांस्टेबल मनीष मीना को पुलिस विभाग की सेवा से निकाल दिया। डीसीपी नॉर्थ सागर सिंह कलसी ने एक्शन पर कहा कि प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के खिलाफ मनीष मीना ने सोशल मीडिया पोस्ट में अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था, इस वजह से उसको नौकरी से डिसमिस किया गया।
पुलिस के मुताबिक, कांस्टेबल मनीष मीना के खिलाफ संविधान की धारा 311 (2) (b) के तहत एक्शन लिया गया है। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने कर्मचारियों को सोशल मीडिया गाइडलाइंस का पालन करने के लिए कहा है। साथ ही, सोशल मीडिया पर सरकार की नीतियों की आलोचना करने से बचने के भी निर्देश दिए गए हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि मनीष मीना लगातार केंद्र सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों की आलोचना कर रहा था और किसानों के मुद्दे का समाधान निकालने के लिए कह रहा था। वह फेसबुक और ट्विटर पर केंद्र सरकार की कई नीतियों के खिलाफ लिख रहा था। दिल्ली पुलिस की स्पेशल ब्रांच के पास अपना आईटी सेल है जो इस तरह के कंटेट की निगरानी सोशल मीडिया पर करता है और अगर आवश्यक हो तो लिखने वाले के खिलाफ एक्शन भी लेता है।












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