दिल्ली पुलिस को 11 साल से चकमा दे रहा था शातिर युनूस, हर महीने बदल लेता था मोबाइल नंबर
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में पुलिस को एक शातिर अपराधी 11 साल बाद पकड़ में आ पाया है। वह पानी बेचने वाला बनकर छुपता रहा था। वह महीने-दो महीने में अपना मोबाइल नंबर बदल लेता था। कभी भी वह मोबाइल का सिम अपने नाम पर नहीं लेता था, ताकि पुलिस उसे ट्रैक न कर पाए। इन दिनों वह जामिया नगर इलाके में रह रहा था। शहादरा पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उसे अरेस्ट किया है।

इस बदमाश का नाम युनूस है, उस पर डकैती के कई मामले दर्ज थे। डीसीपी डॉ. रामगोपाल नायक के मुताबिक, शाहदरा में हुई डकैती के मामले में वह अरसे से फरार चल रहा था। उसके बारे में पता करने के लिए एसीपी श्वेता चौहान ने खास पुलिस टीम बनवाई। जिसके तहत सब इंस्पेक्टर राजीव, संदीप और सहायक सब इंस्पेक्टर विक्रांत आदि युनूस को खोजने लगे। पता चला कि वह जामिया इलाके में पानी सप्लाई का काम कर रहा है। जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया।
इधर, डाबड़ी लूटकांड में 3 गिरफ्तार
दिल्ली के ही बिंदापुर थाना के इलाके में पुलिस टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर दो बदमाशों सहित 3 को गिरफ्तार किया है। द्वारका के एडिशनल डीसीपी आर पी मीणा ने बताया कि बिंदापुर थाने के कांस्टेबल संदीप को बिजनेस मेन को लूटने वाले और चैन स्नैचिंग करने वालों की सूचना मिली थी। जिसके बाद एसीपी डाबड़ी बिजेंद्र सिंह की देखरेख में एसएचओ अनिल बेरवाल, एएसआई बहादुर सिंह, महिपाल हेड कांस्टेबल नरेंद्र और कांस्टेबल नरेश की टीम ने मोहन गार्डन के कुलदीप धूल और उत्तम नगर के अंकित भल्ला को गिरफ्तार कर लिया। उन पर कुल 8 मामले दर्ज थे।












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