ऑक्सीजन की कमी से जूझ रही दिल्ली में Oxygen सप्लाई तय करने के लिए सरकार ने नियुक्त किए 3 IAS
नई दिल्ली, 5 मई: कोरोना महामारी में देश के सर्वाधिक प्रभावित राज्यों में एक दिल्ली में लगातार कोरोना केस बढ़ रहे हैं। वहीं दिल्ली की केजरीवाल सरकार इस स्थिति से निपटने के लिए रह संभव प्रयास कर रही है। बीते मंगलवार को दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने दिल्ली सरकार के वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ ऑक्सीजन आपूर्ति और स्वास्थ्य सेवा प्रबंधन को लेकर वर्चुअल बैठक की। लोगों को ऑक्सीजन की कमी पूरी करने के लिए सरकार ने ऑक्सीजन आपूर्ति और बेहतर वितरण हो इसके लिए तीन आरईएएस और 20 से अधिक काल सेंटर कर्मचारियों को नियुक्त किया है।
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प्रदेश सरकार के इन्हीं प्रयासों की वजह से मंगलवार को 450 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति हुई। सरकार को उम्मीद है कि गुरुवार तक जो 500 मीट्रिक टन की पहुंचने की उम्मीद है।
बता दें केंद्र सरकार ने दिल्ली सरकार को 590 मीट्रिक टन ऑक्सीजन आवंटित की है। दिल्ली सरकार के अधिकारी ने बताया कि जो उन्हें ऑक्सीजन मिली उसे आसपास के जिलों रुड़की, पानीपत, गाजियाबाद भेजी जाएगी ताकि कम समय में अधिक आपूर्ति हो सके। उन्होंने ये बताया कि अभी तक ऑक्सीजन की आपूर्ति देश के दूर के हिस्सों से हो रही है जिसके कारण ऑक्सीजन समय पर नहीं पहुंच रही थी।
केंद्र सरकार ने दिल्ली को ऑक्सीजन की कमी को दूर करने के लिए अतिरिक्त सात आइएसओ कंटेनर दिए हैं। दो दिन पहले ट्रेन के जरिए ऑक्सीजन की आवाजाही शुरू हो गई और 120 मीट्रिक टन ऑक्सीजन तुगलकाबाद रेलवे स्टेशन पर आ गयी।दिल्ली के भीतर 14 रिफिलर हैं। इन रिफिलरों को विभिन्न डिस्टीब्यूटर से लिक्विड आक्सीजन मिल रही है। वहीं प्रदेश सरकार ने दिल्ली के अस्पताालों में बेड की क्षमता 5,200 से बढ़ाकर 7,200 करने का प्रयास कर रही है।
दिल्ली में ऑक्सीजन की मांग 11 मई 2021 तक लगभग 976 मीट्रिक टन होगी। केंद्र सरकार ने दिल्ली सरकार को 590 मीट्रिक टन ऑक्सीजन आवंटित की है।समय पर अस्पतालों को ऑक्सीजन मिल सके इसके लिए दिल्ली सरकार आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने, ऑक्सीजन की आवाजाही नियमित करने और ऑक्सीजन आपूर्तिकर्ता निर्धारित रोस्टर के अनुसार दिल्ली को आपूर्ति करें, यह सुनिश्चित कराने की दिशा में काम कर रही है।












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