Delhi AQI Today: 450 से ज्यादा AQI के बीच हुआ नए साल का स्वागत, बारिश से सुधरेंगे दिल्ली में प्रदूषण के हालात?
Delhi AQI Today: साल 2026 की पहली सुबह दिल्ली-एनसीआर के निवासियों के लिए राहत के बजाय गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियां लेकर आई है। गुरुवार, 1 जनवरी को राजधानी और आसपास के इलाके घने कोहरे की घनी चादर में लिपटे नजर आए, जिससे पालम और सफदरजंग जैसे इलाकों में सुबह 6:30 बजे दृश्यता घटकर महज 50 मीटर रह गई।
इस धुंध ने न केवल सड़क और हवाई यातायात की रफ्तार रोकी, बल्कि प्रदूषण के स्तर को भी 'इमरजेंसी' श्रेणी में पहुंचा दिया है। दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) आज सुबह 473 दर्ज किया गया, जो सेहत के लिए बेहद खतरनाक माना जाता है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए कड़ाके की ठंड और जहरीली हवा का डबल अटैक रहने की चेतावनी जारी की है।

यातायात ठप, विजिबिलिटी 50 मीटर तक सिमटी
गुरुवार सुबह घने कोहरे ने पूरी दिल्ली को अपनी गिरफ्त में ले लिया। दृश्यता (Visibility) कम होने की वजह से जनजीवन प्रभावित हुआ है:
प्रमुख स्टेशन: सफदरजंग और पालम में विजिबिलिटी केवल 50 मीटर दर्ज हुई।
प्रभाव: दिल्ली एयरपोर्ट से कई उड़ानों के समय में बदलाव किया गया है और राष्ट्रीय राजमार्गों पर वाहनों की आवाजाही काफी धीमी रही।
गैस चैंबर बनी दिल्ली: PM 2.5 और PM 10 का तांडव
प्रदूषण की मार इस कदर है कि स्वस्थ लोगों को भी सांस लेने में तकलीफ महसूस हो रही है। हवा में मौजूद सूक्ष्म कणों का स्तर सामान्य से कई गुना अधिक है:
- PM 2.5 का स्तर: 330 (फेफड़ों के लिए अत्यंत घातक)
- PM 10 का स्तर: 463 (आंखों में जलन और गले में खराश का कारण)
पूर्वानुमान: ठंडी हवा की गति धीमी होने के कारण 2 जनवरी तक AQI 'बहुत खराब' श्रेणी में ही बना रहेगा।
बारिश से सुधार की उम्मीद
मौसम विभाग के मुताबिक, गुरुवार को आसमान में बादल छाए रहेंगे और कुछ चुनिंदा इलाकों में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पर्याप्त बारिश होती है, तो यह हवा में जमे प्रदूषकों को साफ करने में मदद करेगी। हालांकि, फिलहाल बुजुर्गों, बच्चों और सांस के मरीजों को घरों के अंदर रहने और मास्क का उपयोग करने की सख्त सलाह दी गई है।
पंजाब और हरियाणा में भी शीत लहर
दिल्ली के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों में भी ठंड का सितम जारी है। पंजाब के गुरदासपुर में न्यूनतम तापमान 5.2 डिग्री दर्ज किया गया, जो क्षेत्र में सबसे कम रहा। अमृतसर, लुधियाना और पटियाला में भी पारा 6 से 7 डिग्री के बीच बना हुआ है, जिससे पूरे उत्तर भारत में कंकणी बढ़ गई है।












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