Delhi Metro फेज-V(ए) को कैबिनेट की मंजूरी, 3 नए कॉरिडोर, 13 स्टेशन और 16 किमी लंबा नेटवर्क, क्या होगा रूट?
Delhi Metro Phase-V (A), Cabinet approval: दिल्ली की लाइफलाइन कही जाने वाली मेट्रो का बड़ा विस्तार होने जा रहा है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार ने मेट्रो फेज-V(ए) के नए कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है। इस प्रोजेक्ट के तहत तीन कॉरिडोर बनाने का ऐलान किया है। इस ₹12,014.91 करोड़ के प्रोजेक्ट पर 16 किलोमीटर लंबी 3 नई लाइनें विकसित होंगी, जिनमें 13 मेट्रो स्टेशन शामिल होंगे।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस पहल को दिल्ली के भविष्य के लिए एक रणनीतिक निवेश बताया। उनके अनुसार, ये नए मेट्रो कॉरिडोर न केवल शहर में यातायात का दबाव कम करेंगे, बल्कि प्रदूषण कम करेंगे, यातायात आसान बनाएंगे और राजधानी को स्मार्ट, साफ़ और विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होंगे।

रेखा गुप्ता कैबिनेट द्वारा दिल्ली मेटो के जिन तीन कॉरिडोर को मंजूरी दी है उनमें आरके आश्रम से इंद्रप्रस्थ (सेंट्रल विस्टा के जरिए), तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज और एयरोसिटी से इंदिरा गांधी डोमेस्टिक टर्मिनल-1 (आईजीडी टी-1) शामिल हैं।
दिल्ली में 13 नए मेट्रो स्टेशन बनाएं जाएंगे
इन विस्तारों के तहत कुल 13 नए स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनमें 10 भूमिगत और 3 एलिवेटेड होंगे। यह मेट्रो विस्तार मौजूदा नेटवर्क के साथ सहज इंटरचेंज सुनिश्चित करेगा, जिससे हवाई अड्डों, वाणिज्यिक केंद्रों और आवासीय क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी और बेहतर होगी। सरकार का मुख्य उद्देश्य निजी वाहनों पर निर्भरता कम करके नागरिकों को एक स्वच्छ, कुशल और एकीकृत परिवहन प्रणाली प्रदान करना है।
आर. के. आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ के बीच मेट्रो कॉरिडोर
फेज-V(ए) का सबसे अहम कॉरिडोर आर. के. आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ के बीच प्रस्तावित है, जिसकी लंबाई 9.913 किलोमीटर है। इस लाइन पर कुल 9 स्टेशन होंगे। यह कॉरिडोर सेंट्रल विस्टा क्षेत्र से गुजरेगा और दिल्ली के प्रशासनिक, सांस्कृतिक व ऐतिहासिक इलाकों को सीधे मेट्रो नेटवर्क से जोड़ेगा। इसके बनने से सभी 'कर्तव्य भवन' भी आपस में जुड़ जाएंगे।
लाखों दिल्लीवासियों को मिलेगी राहत
इस कॉरिडोर से क्षेत्र में कार्यरत लगभग 60 हजार सरकारी कर्मचारी और प्रतिदिन आने-जाने वाले करीब 2 लाख यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा, जिससे उन्हें अपने कार्यालयों तक पहुंचना आसान होगा। यह प्रदूषण को कम करने और पेट्रोल-डीजल जैसे ईंधनों के उपयोग में कमी लाने में भी सहायक होगा, जिससे लोगों का जीवन अधिक सुविधाजनक और सुगम बनेगा।
क्या होगा रूट और स्टेशन? कितना आएगा खर्च
यह कॉरिडोर आर. के. आश्रम मार्ग (निर्माणाधीन), शिवाजी स्टेडियम, सेंट्रल सेक्रेटेरियट, सीसीएस बिल्डिंग्स, इंडिया गेट, वॉर मेमोरियल-हाईकोर्ट, बड़ौदा हाउस, भारत मंडपम और इंद्रप्रस्थ जैसे प्रमुख स्थानों को सीधे मेट्रो से जोड़ेगा। इससे राष्ट्रीय आयोजनों, प्रशासनिक गतिविधियों और पर्यटन स्थलों तक पहुंच और भी आसान हो जाएगी, साथ ही यात्रियों की सुविधा में भी वृद्धि होगी। इस परियोजना पर कुल ₹9,570.40 करोड़ रुपये की लागत आएगी, जिसमें से ₹2,337.24 करोड़ रुपये दिल्ली सरकार वहन करेगी।
एयरोसिटी से इंदिरा गांधी डोमेस्टिक एयरपोर्ट टर्मिनल-1 कॉरिडोर
फेज-V(ए) का दूसरा महत्वपूर्ण कॉरिडोर एयरोसिटी से इंदिरा गांधी डोमेस्टिक एयरपोर्ट टर्मिनल-1 (आईजीडी टी-1) तक है। इस 2.26 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर पर एक स्टेशन प्रस्तावित है। यह हवाई यात्रियों के लिए अत्यधिक फायदेमंद होगा, एयरपोर्ट तक सीधी, तेज और निर्बाध पहुंच प्रदान करेगा। इससे निजी वाहनों और टैक्सियों पर निर्भरता कम होगी और हवाई अड्डे क्षेत्र में ट्रैफिक का दबाव घटेगा।
इस परियोजना की अनुमानित लागत ₹1,419.64 करोड़ रुपये है, जिसमें से ₹351.86 करोड़ रुपये दिल्ली सरकार देगी।
तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज कॉरिडोर
तीसरा प्रमुख कॉरिडोर तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज तक 3.9 किलोमीटर लंबा प्रस्तावित है, जिस पर 3 स्टेशन बनेंगे। यह कॉरिडोर दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के क्षेत्रों में मेट्रो कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा, जिससे स्थानीय निवासियों के लिए आवागमन और भी सुगम हो जाएगा। इस परियोजना पर लगभग ₹1,024.87 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसमें से ₹251.36 करोड़ रुपये का योगदान दिल्ली सरकार द्वारा किया जाएगा।
कब तक पूरा होगा ये प्रोजेक्ट?
इस विस्तार में दिल्ली सरकार ₹2,940.46 करोड़ का वित्तीय हिस्सा वहन करेगी। परियोजना को वर्ष 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य है, जिसकी जानकारी मुख्यमंत्री ने स्वयं दी।












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