OPINION: दिल्ली सरकार की बारापुला ड्रेन को लेकर बड़ी स्कीम, खत्म होगी वाटर लॉगिंग की समस्या
दिल्ली में पिछले मानसून की बारिश के दौरान कई इलाकों में हाल ही में भारी जल जमाव के समस्या सामने आई। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र सरकार यानी केजरीवाल सरकार ने इस दिशा कई बड़े कदम उठाए हैं। योजनाएं पूरी होने के बाद दिल्ली पूरी तरह से जल जमाव की समस्या से मुक्त हो जाएगा। इस दिशा में दो फीडर ड्रेन खासकर सुनेहरी ड्रेन, कुशक, बारापुला ड्रेन को लेकर सरकार ने विशेष प्लान तैयार किया है।
वॉटर लॉगिंग की समस्या दिल्ली के कई इलाकों में दशकों पुरानी है। जिसे दूर करने के लिए केजरीवाल सरकार ने कई बड़े कदम उठाए हैं। सरकार के प्रयासों के बीच दिल्ली के एलजी वीके सक्सेना ने बारापूला ड्रेन और इसकी दो फीडर ड्रेनो खासकर सुनेहरी ड्रेन और कुशक ड्रेन का निरीक्षण किया था। इस बीच इन दोनों ड्रेनों की डिसिल्टिंग करने के साथ उनके पुराने स्ट्रक्चर को सुरक्षित करने के लिए एक बड़े प्लान की तैयारी की जा रही है।

बारापुला ड्रेन का होगा बाथिमैट्रिक सर्वेक्षण
सीएस की तरफ से एफिडेविट के जरिए एनजीटी को सौंपी गई इस रिपोर्ट पर नजर डालें तो बारापूला ड्रेन का एक बाथिमैट्रिक सर्वेक्षण भी करवाया जाएगा। सर्वे में बारापुला ड्रेन की सहायक ड्रेन सुनेहरी ड्रेन और कुशक ड्रेन भी शामिल हैं। इन सभी का सर्वेक्षण दिल्ली सरकार का सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग करेगा। अगले एक महीने के भीतर इस कार्य को पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। जिसके बाद तीन महीने में ड्रेनों की शत-प्रतिशत डीसिल्टिंग प्रक्रिया भी पूरी कर ली जाएगी। प्लानिंग के तहत इन कार्यों के लिए पर्याप्त संख्या में मशीनों की तैनाती भी की जाएगी ताकि प्रोजेक्ट के समय से पूरा किया जा सके।
एजेंसिया करेंगी बारापुला ड्रेन का कार्य
दिल्ली में बारिश के दौरान बारापुला ड्रेन का महत्व अधिक है। ऐसे में इसकी देखरेख लिए संबंधित विभाग की ओर से एक्शन प्लान तैयार किया है। इस कार्य के लिए एमसीडी सेंट्रल जोन के सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर, पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर, डीजेबी के मेंबर वाटर, भारतीय रेलवे, बीजेपी के मेंबर ड्रेनेज, साउथ ईस्ट जिला के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट, एमसीडी सेंट्रल जोन के डिप्टी कमिश्नर, आर्कियोलॉजी सर्वे आफ इंडिया आदि को अलग-अलग कार्यों की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई हैं।
दो ड्रेनों को भी किया जा रहा मॉनीटर
दरअसल, बारापुला ड्रेन साउथ दिल्ली के लिए एक जल निकासी प्रणाली की जीवन रेखा के रूप में देखी जाती है। ऐसे में अतिक्रमण और कचरा के डंपिंग से बचाने के लिए इसे कंसर्टिना तार लगाकर सुरक्षित किया गया है। दिल्ली के चीफ सेक्रेटरी नरेश कुमार के मुताबिक, ड्रेनों को लेकर एनजीटी के निर्देशों को पालन सुनिश्चित कराया जाता है। सुनहरीपुल ड्रेन जैसे फीडर ड्रेन एनडीएमसी एरिया से काफी डिस्चार्ज को लाती है और कुशक ड्रेन नाम की एक अन्य प्रमुख फीडर ड्रेन से जुड़ जाती है जहां से बारापूला ड्रेन की शुरुआत होती है। जबकि बारापूला ड्रेन के जल निकासी मसलों को हल करने के लिए इन दोनों ड्रेनों पर भी लगातार ध्यान देने की जरूरत है।
ऐसे होगा ड्रेनों का संरक्षण
ड्रेन की तली में किए गए सभी अतिक्रमण को हटाने के साथ संबंधित जिला मजिस्ट्रेटों की अध्यक्षता में एमसीडी, एनडीएमसी, आईएफसीडी, पीडब्ल्यूडी, ड्यूसिब और दिल्ली पुलिस विभाग के अधिकारियों की एक मल्टी डिसीप्लिनरी टीम काम करेगी। दिल्ली सरकार का मानना है कि ड्रेन में कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशन वेस्ट की अवैध डंपिंग नालियों में रुकावट पैदा कर रही है जोकि इसके फ्लो में बड़ी बाधा बनी हुई है. इसकी रोकथाम के लिए पूरी ड्रेन पर मॉनिटरिंग कैमरे लगाने की जरूरत है। साथ ही ड्रेन को मॉनिटरिंग कैमरे लगाने के साथ-साथ कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशन वेस्ट डालने वालों पर जुर्माना लगाने और एनफोर्समेंट नियमों को लागू करने की जरूरत है।
हेरीटेज बारापूला ब्रिज होगा अतिक्रमण फ्री
बारापुला ब्रिज को भी संरक्षित करने का प्लान है। इसके साथ ही ओल्ड बारापूला ब्रिज पर आम लोगों को पैदल चलने की सुविधा मिल सकेगी। यहां से वेजीटेबल मॉर्केट के अतिक्रमण को हटाने की जिम्मेदारी एमसीडी सेंट्रल जोन के डिप्टी कमिश्नर निभाएंगे।
दिल्ली में ये हैं ओपन ड्रेन
दिल्ली में सभी ओपन ड्रेन सिंचाईं एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग को सौंपा जा रहा है। दरअसल, प्रमुख रूप में राष्ट्रीय राजधानी में कुल मिलाकर राष्ट्रीय राजधानी में 22 खुली ड्रेन हैं। जिसमें मटकॉफ हाउस ड्रेन, खबर पास ड्रेन, स्वीपर कॉलोनी ड्रेन, मैगजीन रोड ड्रेन, तांगा स्टैंड ड्रेन, सिविल मिल ड्रेन, मोटा ड्रेन/विजय घाट ड्रेन, ड्रेन नंबर 14, तेहखंड ड्रेन, तेहखंड ड्रेन, तुगलकाबाद ड्रेन (कालकाजी ड्रेन इसमें मर्ज होती है), सेन नर्सिंग होम ड्रेन, दिल्ली गेट ड्रेन, पावर हाउस ड्रेन, नजफगढ़ ड्रेन, शाहदरा ड्रेन, अबुल फजल ड्रेन, आईएसबीटी ड्रेन (कुदेशिया बाग/मोरी गेट ड्रेन), सोनिया विहार ड्रेन (यमुना के पूर्वी छोर पर), कैलाश नगर ड्रेन (यमुना के पूर्वी किनारे पर), शास्त्री पार्क ड्रेन ( यमुना के पूर्वी छोर पर), महारानी बाग ड्रेन, जैतपुर ड्रेन और बारापूला ड्रेन ओपन ड्रेन में शामिल हैं।
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