नोटबैन के बाद दिल्ली सरकार को नवंबर में हुआ 400 करोड़ का फायदा

केंद्र सरकार के नोटबैन के आदेश के बाद पुराने नोटों में बिल जमा करवा पाने की छूट के चलते दिल्ली सरकार को अलग-अलग करों के रूप में 400 करोड़ रुपए ज्यादा मिले हैं।

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के नोटबंदी के फैसले का आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल जमकर विरेध कर रहे हैं लेकिन दिल्ली सरकार को नवंबर में पुराने नोटों में मिले टैक्स के आंकड़ें देंखे तो नोटबंदी को आप सरकार के लिए फायदे का सौदा कहा जा सकता है।

kejri

दिल्ली सरकार को नवंबर में विभिन्न करों में 400 करोड़ की अतिरिक्त रकम पुराने नोटों (500 और 1000) में मिली है। जिसमें वैट और एक्साइज जैसे कर शामिल हैं।

दिल्ली में वैट का औसत क्लेक्शन 1700 करोड़ के आसपास रहता है लेकिन नवंबर में ये 1926 करोड़ रहा, जबकि अक्टूबर में ये 1695 करोड़ था।

8 नवंबर से 15 दिसंबर के बीच पुराने नोटों में टैक्स और बिल जमा कराने की छूट के चलते ये रकम बढ़ी। एक्साइज में भी नवंबर में बढ़ोत्तरी हुई।

एक्साइज नवंबर में अक्टूबर के मुकाबले 43 करोड़ बढ़ा। दिल्ली सरकार को करीब 400 करोड़ नोटबंदी के बाद टैक्स के रूप में मिला। हालांकि वाहन रजिस्ट्रेशन और अन्य कई जगह पर बिजनेस में काफी कमी भी देखी गई।

आपकों बता दें कि 8 नवंबर को 500 और 1000 के नोटों पर पीएम मोदी ने बैन की घोषणा कर दी थी। हालांकि पुराने नोटों को कुछ जरूरी जगहों पर चलाने की अनुमति दी गई थी। पुराने नोटों से सरकारी बिल (बिजली, पानी आदि) जमा करने की भी छूट दी गई थी।

पुराने नोटों पर बैन के बाद बिल जमा कराने की छूट के बाद बड़ी तादाद में लोगों ने अपने रुके हुए बिल जमा कराए। इससे सरकारी राजस्व में फायदा देखने को मिला।

आम आदमी पार्टी और विपक्षी पार्टियां पीएम के नोटबंदी के फैसले का जमकर विरोध कर रही हैं। नोटबंदी से हुई मौतों के लिए विपक्ष पीएम से जवाब मांग रहा है। अरविंद केजरीवाल ने नोटबंदी को भारत का एक बहुत बड़ा घोटाला कहा है।

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