प्रदूषण के खिलाफ बेहद प्रभावी ढंग से लड़ाई लड़ रही दिल्ली सरकार
दिल्ली को प्रदूषण मुक्त करने के लिए पिछले दिनों आम आदमी पार्टी की नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के राज्यों के लिए भी योजना तैयार की।
दिल्ली में प्रदूषण (Pollution in Delhi) पर नियंत्रण के लिए पिछली कुछ दिनों में कई प्रयास किए गए। काफी हद तक इसमें राज्य सरकार को सफलता भी मिली। लेकिन असल में राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण को रोकने के लिए दिल्ली एनसीआर (NCR) को भी सहयोग करना आवश्यक है। दिल्ली को प्रदूषण मुक्त करने के लिए पिछले दिनों आम आदमी पार्टी की नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के राज्यों के लिए भी योजना तैयार की। यही नहीं सरकार ने सर्दी में बढ़ने वाले प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए एक खास प्लान भी तैयार कर लिया है।

राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करना किसी चुनौती से कम नहीं है। आप सरकार ने अपने पिछले कार्यकाल और मौजूदा कार्यकाल में भी इस चुनौती को गंभीरता से लेते हुए कार्य कर रही है। दिल्ली सरकार (Delhi government) ने धूल रोधी अभियान भी चलाया। इस पर पिछले दो वर्षों से कार्य हो रहा है। इस बार सर्दी के महीनों में प्रदूषण से निपटने के लिए राज्य सरकार ने 15 सूत्री कार्ययोजना तैयार की है। जिसके तहत दिल्ली ही नहीं राष्ट्रीय राजधानी से सटे अन्य राज्यों के क्षेत्रों (Delhi NCR) को भी शामिल करने के लिए आह्वान किया गया है।
इसके लिए 'क्षेत्रीय क्रियान्वयन समिति' गठित करने की बात की जा रही है। जिसके सहयोग से दिल्ली सरकार दिल्ली से सटे इलाकों में प्रदूषण स्तर कम करने में सहयोग करेगी। ये बात अलग है कि कई बार राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है, लेकिन इसके लिए अब दिल्ली की आम आदमी पार्टी की नेतृत्व वाली सरकार ने खास प्लान बनाया है। जिस प्लान का जिक्र किया जा रहा है वो खास तौर पर सर्दियों को लिए है।
पिछले दिनों दिल्ली सरकारी नीतियों को चर्चा करें तो ये साफ हो जाता है कि दिल्ली जैसे शहर में प्रदूषण को लेकर जिस गंभीरता कार्य करने की आवश्यकता है, शायद उसके सापेक्ष ही कार्य हो रहा है। इसके अलाव यमुना में प्रदूषण को कम करने के लिए दिल्ली सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। राजधानी अनधिकृत कॉलोनियों एवं ग्रामीण इलाकों में डिसेंट्रलाइज-एसटीपी का निर्माण किया जाएगा।
प्रदुषण मुक्त यमुना के लिए दिल्ली सरकार ने 570 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी है। दिल्ली सरकार का मानना है कि डिसेंट्रलाइज्ड-सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से दिल्ली को काफी लाभ होने वाला है। इससे एक तो अनधकिृत कॉलोनियों में बढ़ते जल प्रदूषण की समस्या कम होगी। दूसरे भूजल स्तर में गिरावट के बोझ से भी निजात मिल सकेगी।
बवाना में दिल्ली सरकार 24 अनधकिृत कॉलोनी और 9 गावों में 40 एमएलडी क्षमता वाला डिसेंट्रलाइज्ड एसटीपी कराने जा रही है। इसमें 132.6 करोड़ की लागत आएगी। बवाना का दूषित पानी को रीसाइकिल करने के लिए 10.65 करोड़ की लागत से 2 एमजीडी क्षमता वाले रीसाइक्लिंग प्लांट का भी निर्माण होगा। कुल मिलाकर दिल्ली में वायु प्रदूषण से लेकर जल प्रदूषण तक हर स्तर पर जिस गति से कार्य किए जा रहे हैं, वो दिन दूर नहीं जब राष्ट्रीय राजधानी भारत के सबसे स्वच्छ शहरों में गिना जाएगा।












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