Delhi Chunav: क्या अवैध बांग्लादेशियों पर दिल्ली के 'फर्जी वोटर' होने का भी संदेह है? कितनी हो सकती है संख्या?
Delhi Assembly Election 2025: दिल्ली पुलिस ने अवैध बांग्लादेशियों की पहचान की कार्रवाई गुरुवार को भी जारी रखी। दूसरे दिन इसने 20 से ज्यादा संदिग्धों की पहचान की है। दिल्ली पुलिस सूत्रों के मुताबिक ये संदिग्ध सीमापुरी इलाके में रह रहे थे। दिल्ली के उपराज्यपाल के कार्यालय के निर्देश पर यह कार्रवाई ऐसे समय में शुरू हुई है, जब दिल्ली विधानसभा चुनावों की तैयारी चल रही है।
पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस की टीमें कालिंदी कुंज, शाहीन बाग और जामिया नगर की विभिन्न झुग्गियों में जा रही हैं और संदिग्ध बांग्लादेशियों के आधार कार्ड और मतदाता पहचान पत्र की जांच कर रही है। उपराज्यपाल की ओर से मिले निर्देश के अनुसार यह अभियान दो महीने तक चलना है और राजधानी में रह रहे अवैध बांग्लादेशियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी है।

वोटर आईडी और आधार कार्ड की जांच पर फोकस
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'डोर-टू-डोर वेरिफिकेशन में टीमें संदिग्ध लोगों के आधार कार्ड नंबर, वोटर आईडी कार्ड नंबरों के डेटा जुटा रही हैं। डेटा जुटा लेने के बाद एक रेकॉर्ड तैयार किया जाएगा जिसे फॉर्नर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) को उचित जांच के लिए भेजा जाएगा।'
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अवैध बांग्लादेशियों के पास हो सकते हैं फर्जी वोटर आईडी और आधार
अधिकारी ने यह भी जानकारी की दी के डेटा एआरआरओ को भेजने के साथ ही पुलिस निजी तौर पर भी तफ्तीश करेगी कि आधार कार्ड फर्जी है या सही है और किस साल जारी हुआ है। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद कुछ संदिग्धों को डिटेंशन सेंटर में भेजने की भी बात कही है।
दरअसल, आशंका है कि अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों ने राजधानी में फर्जी आधार कार्ड और वोटर आई कार्ड तक बना लिए है। ऐसे में चुनावों से पहले इस अभियान की अहमियत बढ़ गई है।
वैध-अवैध रोहिंग्याओं/बांग्लादेशियों पर बीजेपी-आप में हो चुकी है तकरार
सियासी नजरिए से देखें तो यह कार्रवाई ऐसे समय में शुरू की गई है, जब हाल ही में दिल्ली में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी ने केंद्र में सत्ताधारी बीजेपी पर राजधानी में रोहिंग्या शरणार्थियों को बसाने का आरोप लगाया था। इसके लिए उसने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के दो साल पुराने एक पोस्ट का हवाला दिया था।
उसमें उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए बने फ्लैटों में रोहिंग्याओं को बक्करवाला इलाके में आवास देने का बीजेपी पर आरोप लगाया था। इसपर बीजेपी ने यह कहकर पलटवार किया था कि असली मामला वैध शरणार्थियों का नहीं, बल्कि अवैध रोहिंग्याओं और बांग्लादेशियों का है।
मतदाता सूची में नाम हटने को लेकर आरोप-प्रत्यारोप
इसी दौरान आप ने दिल्ली में बड़े पैमाने पर मतदाता सूची से कथित रूप से नाम हटाए जाने को लेकर भी मोर्चा खोला है। बुधवार को पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार से भी मिल आया है। इस दौरान केजरीवाल ने आरोप लगाया कि बीजेपी दलितों,पूर्वांचलियों समेत खासकर के हाशिए पर पड़े समुदायों का नाम वोटर लिस्ट से हटाने की साजिश रच रही है। उन्होंने कहा, 'हमने 3,000 पन्नों का सबूत दिया है, जिसमें दिखता है कि बीजेपी किस तरह से वोटरों का नाम बड़े पैमाने पर हटाने की साजिश रच रही है।'
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वहीं दिल्ली बीजेपी के एक सूत्र ने वनइंडिया को बताया है कि दिल्ली के हर बूथ पर बड़ी संख्या में 'फर्जी' वोटर (ज्यादातर अवैध बांग्लादेशी) हैं, जिनका नाम मतदाता सूची से हटाया जाना चाहिए। उस सूत्र ने बताया कि एक अनुमान के मुताबिक दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों पर ऐसे 'फर्जी' वोटरों की संख्या 10 लाख के करीब हो सकती है।












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