वैक्सीन निर्यात पर सिसोदिया ने उठाए सवाल, कहा- केंद्र को पहले बचानी थी अपने लोगों की जान
नई दिल्ली, मई 9: देश में कोरोना की वजह से स्थिति भयवाह बनी हुई है, जहां अब रोजाना 4 लाख के करीब मामले सामने आ रहे हैं। इसके अलावा मौत का आंकड़ा भी 4000 के करीब रहता है। वैज्ञानिकों ने साफ कह दिया है कि जब तक देश की पूरा आबादी का टीकाकरण नहीं हो जाता, तब तक कोरोना रुक-रुककर कहर बरपाता रहेगा। हालांकि सभी राज्यों में टीकाकरण अभियान तेजी से चल रहा, लेकिन दिल्ली समेत कई राज्य वैक्सीन की कमी पर सवाल उठा चुके हैं।

मामले में दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा कि भारत सरकार ने पिछले 3 महीनों में 93 देशों को कोरोना वैक्सीन निर्यात की। इसके तरहत कुल 6.5 करोड़ डोज बाहर भेजी गई। वहीं दूसरी ओर दूसरी लहर में अब तक 1 लाख लोग मर चुके हैं। अगर ये निर्यात नहीं किया जाता, तो लोगों की जान बच सकती थी। ये केंद्र सरकार का जघन्य अपराध है। सिसोदिया ने आगे कहा कि केंद्र सरकार में कुछ लोग कह रहे हैं कि भारत सरकार अंतरराष्ट्रीय नीतियों से बंधी थी, इसलिए टीके बाहर भेजे गए, लेकिन मैं बताना चाहता हूं कि अमेरिका, फ्रांस और यूरोप भी नीतियों के तहत काम करते हैं, लेकिन उन्होंने अपने लोगों को प्राथमिकता दी।
उन्होंने आगे कहा कि जब हमारे लोग मर रहे हैं, तो हमें दूसरों को वैक्सीन नहीं देनी थी। ये सिर्फ सरकार ने अपने छवि बनाने और कुछ देशों की प्रशंसा के लिए किया था। सिसोदिया ने मोदी सरकार से अपील करते हुए कहा कि मैं चाहता कि जब तक देश में सभी को टीका ना लग जाए, तब तक उसका निर्यात ना किया जाए।












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