दिल्ली CM रेखा गुप्ता पर हुए हमले को लेकर सनसनीखेज खुलासा, आरोपी करने वाला था कुछ बड़ा लेकिन फिर हुआ कुछ ऐसा
Delhi CM Rekha Gupta: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हुए हमले के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। आरोपी राजेश भाई खिमजी भाई सकरिया, जो गुजरात के राजकोट का रहने वाला है, ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि उसका मकसद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर चाकू से हमला करना था।
राजेश ने बताया कि वह दिल्ली सीएम के सरकारी आवास पर लोगों की शिकायतें सुनने के दौरान पहुंचा था और वहीं उसका इरादा सीएम रेखा गुप्ता पर चाकू से हमला करने का था। लेकिन जब उसने वहां सख्त सुरक्षा व्यवस्था देखी, तो डर के कारण उसने चाकू फेंक दिया और अपनी योजना बदल दी। इससे पहले वह सुप्रीम कोर्ट भी गया था, लेकिन वहां भी सुरक्षा घेराबंदी देखकर वापिस लौट आया।

पुलिस पूछताछ के दौरान राजेश खिमजी ने बताया कि वह सीएम रेखा गुप्ता पर हमला करने के लिए चाकू भी लेकर आया था। लेकिन आवास पर भारी सुरक्षा देखकर उसने अपना मन बदल लिया और चाकू सिविल लाइंस इलाके में ही फेंक दिया। पूछताछ के दौरान उसने ये भी बताया कि मुख्यमंत्री आवास पर जाने से पहले वह सुप्रीम कोर्ट भी गया था, लेकिन वहां भी कड़ी सिक्योरिटी देखकर वापस लौट आया।
हमले के तुरंत बाद दिल्ली पुलिस ने राजेश खिमजी को गिरफ्तार कर लिया था। उस पर सिविल लाइंस थाने में केस दर्ज किया गया। 21 अगस्त को उसे मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां से उसे 5 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
पेशी से पहले उसे अरुणा आसिफ अली अस्पताल में मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया और बाद में LNJP अस्पताल में रेफर किया गया।
दिल्ली CM रेखा गुप्ता पर हमले के मामले में दूसरा आरोपी गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हाल ही में हुए हमले के मामले में दूसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों के अनुसार, रविवार (24 अगस्त) को यह कार्रवाई की गई। गिरफ्तार आरोपी का नाम तहसीन सैयद है, जो मुख्य आरोपी सकरिया राजेशभाई खिमजी का दोस्त है। पुलिस तहसीन को शुक्रवार (22 अगस्त) रात गुजरात के राजकोट से दिल्ली लेकर आई थी। पूछताछ के दौरान उसे खिमजी के सामने बैठाकर तथ्यों की जांच की गई, जिसके बाद रविवार को उसे हिरासत में लिया गया।
पैसों और वीडियो का लेन-देन
पुलिस के मुताबिक, खिमजी ने मुख्यमंत्री गुप्ता के शालीमार बाग आवास का वीडियो तहसीन को भेजा था। वहीं तहसीन ने उसे 2000 रुपये भेजे और लगातार संपर्क में रहा। यह संपर्क उस कथित हमले से पहले तक बना रहा, जो मुख्यमंत्री के जन सुनवाई कार्यक्रम के दौरान सिविल लाइंस कैंप कार्यालय में हुआ था।
आरोपी राजेश भाई खिमजी भाई सकरिया का आपराधिक रिकॉर्ड
- राजेश भाई खिमजी भाई सकरिया एक ऑटो रिक्शा चालक है और उस पर 2017 से 2024 के बीच पांच मामले दर्ज हैं (मारपीट और शराब रखने के)।
- राजकोट के भक्तिनगर थाने में कई बार उसके खिलाफ रोकथाम संबंधी कार्रवाई की गई थी।
- 2017, 2020 और 2022 में उस पर गुजरात प्रोहिबिशन एक्ट और सीआरपीसी की धाराओं के तहत कार्रवाई हुई।
- 2021 में उसे बॉम्बे पुलिस एक्ट की धारा 56 के तहत शहर से बाहर निकाला गया था।
- 2017 के एक मामले में खिमजी ने तलवार से एक व्यक्ति के सिर पर वार किया और उसे कपड़े धोने वाले बल्ले से पीटा।
- 2022 में पत्नी से झगड़े के बाद उसने परिवार को डराने के लिए खुद के सिर पर ब्लेड से वार किया, जिससे उसे 9 टांके आए।
राजेश भाई खिमजी भाई सकरिया अवैध शराब तस्करी में भी शामिल था।
पुलिस की जांच
दिल्ली पुलिस राजकोट में राजेश भाई खिमजी भाई सकरियाके दोस्तों और परिवार समेत 10 से अधिक लोगों से पूछताछ कर रही है। पुलिस ने उसका मोबाइल फोन जब्त कर लिया है और फोरेंसिक जांच के लिए भेजा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने हमले से पहले कोई अहम जानकारी डिलीट तो नहीं की।
हमले का मकसद क्या था?
राजेश भाई खिमजी भाई सकरिया ने पुलिस को बताया कि वह दिल्ली रामलीला मैदान में सुप्रीम कोर्ट के आवारा कुत्तों को हटाने के आदेश के खिलाफ धरना देने आया था। उसका कहना था कि वह अन्ना हजारे की तरह आंदोलन करना चाहता था। 19 अगस्त को वह उज्जैन (मध्य प्रदेश) से दिल्ली आया और 20 अगस्त को मुख्यमंत्री की जनसुनवाई में पहुंचा। कोर्ट ने उसे पहले ही 5 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया था।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की प्रतिक्रिया
हमले के कुछ घंटों बाद ही मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस घटना पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वह इस हमले से हैरान हैं और इसे कायराना कोशिश बताया। अगले दिन, शालीमार बाग में रामलीला के शिलान्यास कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें भगवान राम के आशीर्वाद और जनता के प्यार की वजह से ताकत मिलती है।
सीएम गुप्ता ने कहा, "रामराज्य का मतलब है न्यायपूर्ण, पारदर्शी और जनता के कल्याण पर आधारित शासन। इसके लिए विध्वंसकारी ताकतों से टकराना जरूरी है। भगवान राम ने मुझे यह जिम्मेदारी दी है कि दिल्ली को रामराज्य की राह पर आगे बढ़ाऊं।"
उन्होंने यह भी कहा कि रामलीला का हर पात्र हमें जीवन के गहरे सबक सिखाता है-चाहे वह भगवान राम हों, माता सीता, लक्ष्मण या कैकेयी। यही वजह है कि सदियों से देशभर में रामलीलाएं आयोजित होती रही हैं ताकि लोग सही रास्ते पर चल सकें।
मुख्यमंत्री रेखा ने भावुक अंदाज में कहा कि उन्हें जनता का प्यार और भगवान राम का आशीर्वाद ही सबसे बड़ी ताकत देता है और इन्हीं की वजह से वह हर कठिनाई और हर हमले से सुरक्षित रहती हैं।
दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता की 'जेड' सुरक्षा वापस, जिम्मा फिर से दिल्ली पुलिस के हवाले
केंद्र सरकार ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को दी गई सीआरपीएफ की 'जेड श्रेणी' सुरक्षा हटा दी है। अब उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी दोबारा दिल्ली पुलिस को सौंप दी गई है। सीएम रेखा पर हुए हमले के बाद गृह मंत्रालय ने तुरंत फैसला लेते हुए उन्हें सीआरपीएफ की वीआईपी सुरक्षा शाखा के तहत 'जेड श्रेणी' सुरक्षा दी थी। सीएम कार्यालय ने इस हमले को उनकी हत्या की सुनियोजित साजिश बताया था। लेकिन अब आधिकारिक सूत्रों ने पुष्टि की है कि उनकी सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर दिल्ली पुलिस को सौंप दी गई है।












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