सिलक्यारा सुरंग से 41 श्रमिकों को बचाने वालों से मिले अरविंद केजरीवाल, किया सम्मानित
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उत्तराखंड में सिल्कयारा सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों के बचाव अभियान में अभिन्न भूमिका निभाने वाले रैट-होल माइनर्स से मुलाकात की है। दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) में काम करने वाले माइनर्स 16 दिनों तक चले इस रेस्क्यू ऑपरेशन का हिस्सा थे, जिसके परिणामस्वरूप फंसे हुए श्रमिकों को सुरक्षित निकाला गया।
केजरीवाल ने आभार व्यक्त करते हुए अपने आवास पर इन माइनर्स से मुलाकात की। 12 लोगों के समूह में से छह दिल्ली के खजूरी खास के रहने वाले हैं। मुख्यमंत्री की बैठक बचाव अभियान में उनकी भूमिका के महत्व को रेखांकित करती है। इस दौरान उनके साथ मंत्री आतिशी और सौरभ भारद्वाज भी मौजूद रहे।

दिल्ली जल बोर्ड की टीम से जुड़े हैं माइनर्स
दिल्ली की मंत्री आतिशी ने मीडिया से मुखातिब होकर कहा कि जिन लोगों को आप यहां देख रहे हैं, वे दिल्ली जल बोर्ड की टीम से जुड़े हैं और मैन्युअल खुदाई करते हैं। अपनी मशीनरी और जनशक्ति के साथ, उन्होंने (सिल्कयारा सुरंग में) फंसे हुए 41 श्रमिकों तक एक पाइप धकेला। उसके जरिए मजदूर बाहर निकल सके।
Recommended Video
दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने आज उन्हें सम्मानित किया। पूरी टीम ने लगातार 3 दिन तक वहां काम किया। मैं उन्हें बधाई देना चाहती हूं। जब केंद्र सरकार ने उन्हें कुछ पारिश्रमिक देने की बात कही , उन्होंने इसे ठुकरा दिया और कहा कि वे इसे देशभक्ति की भावना से अपने भाइयों को बचाने के लिए कर रहे थे।
टीम के सदस्यों ने उत्तरकाशी सुरंग बचाव में शामिल होने के अपने अनुभव साझा किया। सदस्य विपिन ने कहा कि देश की सेवा करने का अवसर अद्वितीय है। हमारी जगह कोई और होता तो वह भी सब कुछ कर देता। टीम ने अथक परिश्रम किया। देश की कई एजेंसियों ने मिलकर काम किया।
क्या है 'रैट-होल माइनर्स'
दरअसल,'रैट-होल माइनर्स' कहे जाने वाले ये श्रमिक कोयला निकालने के लिए संकरी सुरंगें खोदने में माहिर होते हैं, इस प्रक्रिया को रैट-होल माइनिंग के रूप में जाना जाता है। सुरंगों की खतरनाक स्थितियों के कारण यह एक खतरनाक काम है। हालांकि, सिलक्यारा सुरंग आपदा स्थल पर बचाव कार्यों में उनकी एक्सपर्ट अमूल्य साबित हुई।












Click it and Unblock the Notifications