सिंगापुर दौरे पर नहीं जा पाए Arvind Kejriwal, अब दिल्ली सरकार ने केंद्र को घेरा
दिल्ली, 29 जुलाई: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सिंगापुर में होने वाले वर्ल्ड सिटीज समिट में शामिल नहीं हो सकेंगे। इस बारे में जानकारी देते हुए दिल्ली सरकार की तरफ से एक बयान जारी किया गया है। इस बयान में कहा गया है कि उपराज्यपाल और केंद्र से जरूरी अनुमति मिलने में बहुत अधिक समय लग गया। इस कारण उनकी सिंगापुर यात्रा नहीं हो पाएंगी।

दरअसल, 20 जुलाई तक सिंगापुर यात्रा की सारी औपचारिकताएं पूरी करनी थी, लेकिन एलजी ने फाइल 21 जुलाई को वापस लौटाई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस संबंध में दिल्ली सरकार की तरफ से औपचारिक बयान जारी कर केंद्र सरकार को दोषी ठहराया गया है। दिल्ली की तरफ से कहा गया है कि 'एलजी को यात्रा की अनुमति संबंधी फाइल 7 जून को भेज दी गई थी, करीब डेढ़ महीने एलजी चुप बैठे रहे और 21 जुलाई को फाइल वापस लौटा दी।
जबकि यात्रा संबंधित सभी औपचारिकताएं 20 जुलाई तक पूरी होनी थी, लेकिन फाइल 21 जुलाई को वापस लौटाई गई। आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की मंशा सीएम को अंतरराष्ट्रीय मंच पर दिल्ली में शिक्षा और स्वास्थ्य के अलावा अन्य क्षेत्रों में हुए विश्वस्तरीय कामकाज के बारे में बताने से रोकने की थी। केंद्र की मंशा बेशक पूरी हुई हो, लेकिन इससे देश को वैश्विक समुदाय के बीच जिस तरह से नीचा देखना पड़ा है, उसके जिम्मेदार भी वही है।
वर्ल्ड सिटीज समिट में शामिल होने मिला था निमंत्रण
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को बीते दिनों सिंगापुर के उच्चायुक्त साइमन वोंग ने अगस्त के पहले सप्ताह में होने वाले वर्ल्ड सिटीज समिट में शामिल होने का निमंत्रण दिया था। इसके बाद सिंगापुर की यात्रा के लिए दिल्ली सरकार ने उपराज्यपाल से अनुमति मांगी। 21 जुलाई को उपराज्यपाल ने यह कहते हुए मंजूरी देने से इनकार कर दिया कि सम्मेलन शहरों के मेयर का है, मुख्यमंत्री के पद के अनुरूप नहीं है।












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