Delhi Bomb Blast: ब्लास्ट इतना भीषण था, लोगों के उड़े चीथड़े, एक शख्स का शव जमीन पर नहीं यहां लटका मिला
Delhi Bomb Blast: दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के पास स्थित मेट्रो स्टेशन के गेट नवंर 1 के पास हुए ब्लास्ट की घटना के बाद दहशत का माहौल है। लाल किले के पास सोमवार की शाम कार में हुआ धमाका इतना भयावह था विस्फोटक कार के पास खड़ी दो कारें आग के गोले में तब्दील हो गई और वहां मौजूद लोगों के शरीर के चीथड़े उड़ गए। वहीं घटना में एक शख्स का शव जमीन पर नहीं सीधे जाकर पेड़ पर अटक गया।
मंगलवार को पुलिस को ये शव वीभत्स हालत में दूर पेड़ में लटका नजर आया। जिसके बाद इस घटना में मरने वालों की संख्या 10 हो गई है। इस घटना में इतनी भीषण थी कि पीड़ितों के शरीर के अंग घटनास्थल के आसपास बिखर गए थे जिसके कारण कई शवों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। वहीं 20 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं और उनका इलाज एलजेपी अस्पताल में चल रहा है।

ब्लास्ट में शरीर उछला और पेड़ पर जाकर अटक गया
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने बताया कि लाल किले के पास सोमवार की शाम हुए ब्लॉस्ट में एक व्यक्ति धमाके की चपेट में आकर हवा में उछल गया और उसका शरीर पास के एक पेड़ से लटक गया। शुरुआत में जांच एजेंसियों को इस व्यक्ति के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। लेकिन जब वे सबूत जुटाने घटनास्थल पर पहुंचीं, तो उनकी नज़र पेड़ पर पड़े इस शव पर गई। यह दृश्य जांच एजेंसियों के लिए काफी चौंकाने वाला था। फिलहाल, इस शव को नीचे उतार लिया गया है और उसकी पहचान स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है।
कंक्रीट फट गई और शीशे चकनाचूर हो गए
इस घटना के प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया विस्फोट की शक्ति इतनी प्रचंड थी कि 50 मीटर के दायरे में कंक्रीट फट गई और शीशे चकनाचूर हो गए। हवा में धातु के टुकड़े और आग के गोले उछलते दिखे। मेट्रो स्टेशन और पास के मंदिर के शीशे भी टूट गए।
पुलवामा का डॉक्टर उमर हिरासत में
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, जिस कार में यह धमाका हुआ, उसमें जम्मू-कश्मीर के पुलवामा निवासी डॉ. उमर के होने की संभावना है। विस्फोट के बाद, पुलवामा में डॉ. उमर के पिता गुलाम नबी भट को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। उनकी पत्नी का डीएनए परीक्षण भी कराया गया है। इसके अलावा, पुलिस ने फरीदाबाद से डॉ. उमर नबी के साथ काम करने वाले कई डॉक्टरों और कार की खरीद-फरोख्त से जुड़े तीन अन्य लोगों को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।

एनआईए को सौंपी गई जांच
इस घटना की जांच एनआईए को सौंप दी गई है। घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) और विस्फोटक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना के साजिशकर्ताओं को बख्शे न जाने का संकल्प लिया है।












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