15 हजार शिक्षकों को अरविंद केजरीवाल का 'दशहरा गिफ्ट'
Delhi: arvind Kejriwal Govt to Regularise 15000 Guest Teachers अरविंद केजरीवाल सरकार का दशहरा पर बड़ा तोहफा : 15,000 गेस्ट टीचर्स होंगे पक्के

नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने 15 हजार गेस्ट टीचर्स को स्थायी करने का फैसला किया है। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी है कि उनकी सरकार दिल्ली के गेस्ट टीचर्स को स्थायी करने जा रही है। इस बाबत दिल्ली कैबिनेट ने बिल तैयार किया है। जल्द ही इस बिल को विधानसभा में पास कराया जाएगा, जिसके लिए चार अक्टूबर को विशेष सत्र बुलाने की योजना है।

15 हजार गेस्ट टीचर्स को फायदा
दिल्ली में करीब 15 हजार गेस्ट टीचर्स हैं। परमानेंट करने की मांग को लेकर ये लंबे समय से प्रदर्शन करते रहे हैं। आम आदमी पार्टी ने सभी गेस्ट टीचर्स को परमानेंट करने का वादा अपने चुनावी अभियान के दौरान भी किया था। हाल ही में गेस्ट टीचर एसोसिएशन ने उपराज्यपाल के घर के सामने प्रदर्शन किया था। उस समय दिल्ली सरकार ने अपना रुख साफ करते हुए कहा था कि केजरीवाल सरकार गेस्ट टीचर्स के साथ है। सैलरी बढ़ा दी है, जल्द स्थायी भी कर देंगे लेकिन जो मंजूरी उपराज्यपाल को देनी हैं वो उनके हाथ में नहीं है।

2009 के बाद रखे गए गेस्ट टीचर
2009 में राइट टू एजुकेशन आने के बाद दिल्ली में गेस्ट टीचर्स को रखने का सिलसिला शुरू। उसके बाद दिल्ली के सरकारी स्कूलों मे टीचर्स की भर्ती करना सरकार के लिए जरूरी हो गया। 2009 में इन टीचर्स को परमानेंट टीचर के आधे से भी कम वेतन पर रखा गया था।

मिलते हैं रोजाना के हिसाब से पैसे
गेस्ट टीचर को प्रतिदिन करीब 700 से 900 रुपए दिए जाते है। इन टीचर्स को छुट्टी के पैसे नहीं मिलते हैं। जितने दिन वो पढ़ाने आते हैं, उतने दिन का ही पैसा मिलता है। इन्हें हफ्ते की छुट्टी का भी कोई पैसा नहीं दिया जाता है।
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