Delhi Pollution: दिल्ली की हवा हुई 'पॉइज़न'! ITO, चांदनी चौक में खतरे की घंटी, आज इतना दर्ज हुआ AQI
Delhi AQI: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के लोग शनिवार को भी जहरीली हवा में सांस ले रहे हैं। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के अनुसार, चांदनी चौक में 294 और ITO के आसपास 270 एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) दर्ज किया गया, जो 'खराब' श्रेणी में आता है। हालांकि, शुक्रवार को AQI में सुधार हुआ और यह पिछले दिन के 373 से घटकर 218 पर आ गया।
यह सुधार हल्की बारिश और बढ़ी हुई हवा की गति के कारण आया। इसके बावजूद, वायु गुणवत्ता प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली का अनुमान है कि 3 नवंबर तक दिल्ली की हवा "बेहद खराब" श्रेणी में ही बनी रहेगी, जिससे निवासियों के लिए स्वास्थ्य चिंताएँ बढ़ गई हैं।

वर्तमान वायु गुणवत्ता और 'खराब' स्थिति
CPCB के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में शनिवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 'खराब' श्रेणी में है। चांदनी चौक जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में AQI 294 दर्ज किया गया है, जबकि ITO के पास यह 270 पर है। 'खराब' वायु गुणवत्ता का मतलब है कि लंबे समय तक इस हवा में रहने पर लोगों को सांस लेने में कठिनाई जैसी स्वास्थ्य समस्याएँ हो सकती हैं, विशेष रूप से संवेदनशील समूहों के लिए। यह स्थिति बताती है कि शहर में प्रदूषकों का जमाव अभी भी बना हुआ है, जिससे लोगों को साँस लेने में परेशानी हो रही है।
AQI में सुधार के कारक और क्षणिक राहत
दिल्ली ने शुक्रवार को वायु गुणवत्ता में मामूली सुधार दर्ज किया, जब AQI 373 (बेहद खराब) से 218 (खराब) पर आ गया। स्काईमेट वेदर के उपाध्यक्ष महेश पलावत ने इस सुधार के लिए मौसम की स्थितियों को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि फरीदाबाद और नोएडा सहित बाहरी और आसपास के क्षेत्रों में हुई हल्की बारिश ने प्रदूषकों को ज़मीन पर बिठाने में मदद की। साथ ही, हवा की गति बढ़कर 7-8 किलोमीटर/घंटा हो गई, जिसने प्रदूषकों को छितराने में योगदान दिया। यह सुधार केवल अस्थायी था, क्योंकि स्थिति फिर बिगड़ने वाली है।
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'बेहद खराब' हवा का अनुमान
वायु गुणवत्ता प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली के अनुमानों के अनुसार, शनिवार से 3 नवंबर तक दिल्ली की वायु गुणवत्ता फिर से "बेहद खराब" श्रेणी में रहने की आशंका है। 'बेहद खराब' श्रेणी (301 से 400 AQI) लंबे समय तक रहने पर श्वसन संबंधी बीमारियों वाले लोगों को गंभीर स्वास्थ्य समस्याएँ हो सकती हैं। यह आगामी दिनों में प्रदूषण के स्तर में संभावित वृद्धि की ओर इशारा करता है। इस पूर्वानुमान के चलते, निवासियों को सलाह दी जाती है कि वे बाहरी गतिविधियों को सीमित करें और प्रदूषण से बचाव के लिए सभी आवश्यक सावधानी बरतें, ताकि स्वास्थ्य पर इसके नकारात्मक प्रभावों को कम किया जा सके।
दीर्घकालिक सुधार का CAQM दावा
कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने एक सकारात्मक दीर्घकालिक रुझान की जानकारी दी है। CAQM के अनुसार, लॉकडाउन वर्ष 2020 को छोड़कर, दिल्ली ने पिछले आठ वर्षों में जनवरी से अक्टूबर 2025 के बीच अपनी सबसे साफ वायु गुणवत्ता दर्ज की है। इस अवधि के लिए औसत AQI 170 रहा, जो 2024 के 184 और 2022 के 187 से काफी कम है। यह डेटा पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में प्रदूषण नियंत्रण प्रयासों के कारण हुए लगातार सुधार को दर्शाता है, हालांकि तात्कालिक तौर पर हवा अभी भी खराब है।
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