Delhi Acid Attack Case: ‘एसिड अटैक’ की झुठी कहानी! बाप-बेटी ने मिलकर रची ऐसी साजिश, सच जान पुलिस भी रह गई दंग
Delhi Acid Attack Case: दिल्ली के लक्ष्मीबाई कॉलेज के पास बीते रविवार को सामने आया कथित एसिड अटैक मामला अब पूरी तरह पलट गया है। जांच में खुलासा हुआ है कि यह कोई एसिड हमला नहीं था, बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी - जिसे एक पिता-पुत्री ने मिलकर रचा ताकि बलात्कार के एक मामले से बचा जा सके।
दिल्ली पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले का पर्दाफाश करते हुए बताया कि 20 वर्षीय युवती, जिसने खुद पर एसिड अटैक का झूठा आरोप लगाया था, उसने दरअसल घर में रखे टॉयलेट क्लीनर से खुद को घायल किया ताकि यह दिखाया जा सके कि उस पर हमला हुआ है।

क्या था पूरा मामला ?
रविवार को एक 20 वर्षीय छात्रा ने दावा किया कि लक्ष्मीबाई कॉलेज (दिल्ली विश्वविद्यालय) के पास उस पर एक युवक और उसके साथियों ने एसिड फेंका। उसने अस्पताल में जाकर अपनी झूठी चोटें भी दिखाईं। मामला सामने आते ही पुलिस ने आरोपी बताए गए युवक को गिरफ्तार कर लिया। लेकिन सोमवार, 27 अक्टूबर को जब सीसीटीवी फुटेज सामने आए, तो कहानी पूरी तरह बदल गई। फुटेज में कोई भी आरोपी घटना स्थल पर नहीं दिखा।
कैसे खुला झूठ का पर्दाफाश?
पुलिस जांच में पाया गया कि लड़की का पिता - अकील खान - ने अपनी बेटी के साथ मिलकर इस पूरी साजिश को अंजाम दिया। दिल्ली पुलिस के स्पेशल सीपी (लॉ एंड ऑर्डर) रवींद्र सिंह यादव ने बताया यह एक साजिश थी ताकि लड़की के पिता पर चल रहे बलात्कार और ब्लैकमेल के केस से ध्यान हटाया जा सके। हमने अकील खान को यौन उत्पीड़न और ब्लैकमेल के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस द्वारा जुटाए गए सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखा कि रविवार को लड़की अपने भाई के साथ स्कूटी पर घर से निकली थी।
भाई ने उसे अशोक विहार में उतारा, जहां से वह ई-रिक्शा में कॉलेज की ओर गई। लेकिन कथित आरोपी तीनों वहां कहीं नजर नहीं आए। पुलिस अब लड़की के भाई से भी पूछताछ कर रही है, जो फिलहाल फरार है और जांच में शामिल नहीं हो रहा। दिल्ली पुलिस ने अकील खान को गिरफ्तार कर लिया है और उसकी बेटी से भी पूछताछ जारी है। अब यह मामला न केवल झूठे मुकदमे और साजिश से जुड़ा है, बल्कि यह सवाल भी खड़ा करता है कि ऐसे झूठे मामलों से वास्तविक पीड़ितों की लड़ाई को कितना नुकसान पहुंचता है।
दो दिन पहले दर्ज हुआ था रेप केस
दरअसल, कथित एसिड अटैक के से दो दिन पहले, शुक्रवार को एक महिला ने अकील खान (लड़की के पिता) पर बलात्कार और ब्लैकमेल का मामला दर्ज कराया था। शिकायतकर्ता महिला उस व्यक्ति की पत्नी है जिसे एसिड फेंकने का आरोपी बताया गया था। महिला ने पुलिस को बताया कि वह 2021 से 2024 तक अकील खान की फैक्ट्री में काम करती थी। इस दौरान आरोपी ने उसके साथ कई बार रेप किया और उसकी निजी तस्वीरों और वीडियो से ब्लैकमेल किया।
पुलिस ने पाया कि लड़की के बताए घटनाक्रम में कई विरोधाभास हैं। जांच में सामने आया कि लड़की ने खुद पर टॉयलेट क्लीनर डाला ताकि एसिड हमले जैसा दिखे।
जिस युवक पर आरोप लगाया गया, वह घटना के समय करोल बाग में मौजूद था - यह सीडीआर और सीसीटीवी से साबित हुआ। दो अन्य आरोपियों की लोकेशन आगरा में मिली, जहां वे अपनी मां के साथ थे।
पारिवारिक विवाद और बदले की साजिश
पुलिस ने बताया कि आरोपी अकील खान का उन तीनों लोगों से व्यक्तिगत विवाद चल रहा था। उनमें से एक महिला (रेप केस की पीड़िता) पर 2018 में भी एसिड अटैक हुआ था और वह अब एक जमीन विवाद में उलझी हुई है। स्पेशल सीपी रवींद्र सिंह यादव ने कहा यह पूरी साजिश इसलिए रची गई ताकि अकील खान पर लगे बलात्कार के मामले से बचा जा सके। उसने अपनी बेटी की मदद से झूठी कहानी तैयार की।












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