Delhi Air Pollution: क्या होती है कृत्रिम बारिश? क्या इससे कम होगा प्रदूषण?
Artificial Rain in Delhi: दिल्ली-एनसीआर इस वक्त प्रदूषण के बेहद ही बुरे दौर से गुजर रहा है। दिल्ली के 13 स्टेशनों का AQI करीब 500 तक पहुंच चुका है। बढ़े हुए प्रदूषण की वजह से प्रशासन सवालों के घेरे में हैं तो वहीं सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार से इस बारे में तीखे सवाल किए हैं।
तो वहीं दिल्ली की सरकार ने इसके लिए केंद्र सरकार की उदासीनता को जिम्मेदार ठहरा दिया है। इसी बीच मंत्री गोपाल राय ने केंद्र सरकार से शहर में छाए ज़हरीले धुएं को हटाने के लिए 'कृत्रिम बारिश' या 'क्लाउड सीडिंग' शुरू करने का आग्रह किया है।

दिल्ली के मंत्री गोपाल राय ने औपचारिक अनुरोध करते हुए केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव पर राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण पर आपात बैठक बुलाने के बार-बार किए गए अनुरोधों की अनदेखी करने का भी आरोप लगाया है।
फिलहाल यहां पर सवाल ये उठता है कि क्या 'कृत्रिम बारिश' या 'क्लाउड सीडिंग' से दिल्ली का प्रदूषण कम हो जाएगा? अगर हां तो सरकार ने इस बारे में पहले क्यों नहीं सोचा? चलिए विस्तार से जानते हैं कि आखिर कृत्रिम वर्षा होती कैसे है और ये कैसे काम करती है?
कृत्रिम वर्षा: क्या है और कैसे की जाती है?
कृत्रिम वर्षा को 'क्लाउड सीडिंग' (Cloud Seeding) भी कहा जाता है, ये एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है जिसके माध्यम से बादलों में रासायनिक तत्व डालकर बारिश उत्पन्न की जाती है। 'कृत्रिम वर्षा' में सिल्वर आयोडाइड, ड्राई आइस या पोटैशियम आयोडाइड जैसे रसायनों को बादलों में छोड़ा जाता है, जो वर्षा को बढ़ावा देते हैं। यह छिड़काव हवाई जहाज, रॉकेट, या ड्रोन की सहायता से किया जाता है।
दिल्ली सरकार ने IIT कानपुर के विशेषज्ञों के परामर्श से, स्मॉग को कम करने और वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए एक संभावित समाधान के रूप में इस पद्धति की बात की है।
कृत्रिम वर्षा के लिए निम्नलिखित तीन विधियां अपनाई जाती हैं...
- बादलों में Silver Iodide के कणों का छिड़काव किया जाता है, जो बर्फ के कण बनने की प्रक्रिया को तेज करता है जिससे बरसात होती है।
- Sodium Chloride का उपयोग करके संघनन प्रक्रिया को बढ़ाया जाता है।
- Dry Ice के जरिए बारिश करवाई जाती है।
हालांकि ये तरीका इतना आसान नहीं है क्योंकि कृत्रिम वर्षा काफी खर्चीली है और चांदी आयोडाइड जैसे रसायनों का उपयोग पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं माना जाता है लेकिन दिल्ली की जो स्थिति है उसको देखते हुए पर्यावरण विशेषज्ञ भी 'कृत्रिम बारिश' की पैरवी कर रहे हैं।
आपको बता दें कि राजधानी में लगातार 'स्मोग' बना हुआ है, जिसकी वजह से लोगों ने गले में खराश, सिरदर्द और सांस लेने में कठिनाई की शिकायत की है। हालात के मद्देनजर दिल्ली-नोएडा और गाजियाबाद में स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं और लोगों से भी अपील की गई है कि वो बिना जरूरत घर से बाहर ना निकलें।












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