Delhi Pollution: दिल्ली में AQI 'बेहद खराब' के साथ 337 पर, डॉक्टरों ने दी ये सलाह
Delhi Pollution: एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी वायु गुणवत्ता सूचकांक 0 से 100 तक अच्छा माना जाता है, जबकि 100 से 200 तक मध्यम, 200 से 300 तक खराब, 300 से 400 तक बहुत खराब और 400 से 500 या इससे ऊपर गंभीर माना जाता है।

Delhi Air Pollution AQI: दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर अब भी खराब स्थिति में ही। सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (SAFAR) के मुताबिक दिल्ली में हवा की गुणवत्ता 'बहुत खराब' श्रेणी में बनी हुई है और शनिवार सुबह करीब 8:30 बजे 337 एयर क्वालिटी इंडेक्स दर्ज की गई है। गुरुग्राम (हरियाणा) की भी वायु गुणवत्ता 'खराब' श्रेणी में है, एक्यूआई 293 दर्ज किया गया है। नोएडा (यूपी) की वायु गुणवत्ता 'गंभीर' श्रेणी में है एक्यूआई 478 पर है। सफर के अनुसार इससे पहले शुक्रवार को भी दिल्ली में हवा की गुणवत्ता 'बेहद खराब' श्रेणी में थी और सुबह करीब 11 बजे एक्यूआई 303 दर्ज की गई थी। दिल्ली विश्वविद्यालय के पास के इलाकों में 316 का एक्यूआई देखा गया।
दिल्ली में जैसे ही पारा गिरा, स्मॉग का स्तर भी बढ़ गया है। दिल्ली में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सिफारिश करने वाली केंद्र सरकार के पैनल, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने बुधवार को दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता की समीक्षा के लिए एक बैठक की अध्यक्षता की थी। इसने एक विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा, "चूंकि दिल्ली में AQI 'गंभीर' श्रेणी में है, इसलिए हमने फैसला लिया था कि GRAP के चरण III के तहत सभी कार्यों को संबंधित एजेंसियों द्वारा सही तरीके से लागू किया जाना चाहिए। वहीं जीआरएपी के चरण I और चरण II के तहत भी कार्रवाई होनी चाहिए।''
Air quality in the Delhi-NCR continues to remain unhealthy. Delhis air quality in Very Poor category with AQI at 316, Gurugrams (Haryana) air quality in Poor category with AQI at 293 and Noidas (UP) air quality in Severe category with AQI at 478 this morning. pic.twitter.com/Z2zh6cpRCz
— ANI (@ANI) December 10, 2022
डॉक्टरों ने दी ये सलाह?
दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण से बचने के लिए डॉक्टरों ने लोगों को मास्क पहनने जैसे एहतियाती उपाय करने की सलाह दी है। डॉक्टर ने खासकर उन लोगों को मास्क पहनने के लिए कहा है, जिन्हें सांस की बीमारी है।
रिसर्च के मुताबिक कार्डियोवैस्कुलर घटनाएं वायु प्रदूषण की वजह से हो रही हैं। ऐसे में एक्सपर्ट ने कार्डियक कॉम्बिडिटी वाले लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि जिन लोगों को सांस की बीमारी है, वो एक्यूआई खराब होने पर बाहर से बचें, खुद को बाहर की आवश्यक गतिविधियों में शामिल करने से परहेज करें। और अगर वो बाहर निकल भी रहे हैं तो नॉर्मल मास्क की जगह एन-95 या के-95 मास्क लगाएं।












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