Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Delhi Air Pollution: वायु प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, CJI बोले-हवा साफ करने के लिए कोई जादुई छड़ी नहीं

Delhi Air Pollution: दिल्ली-NCR की खतरनाक होती हवा पर सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर कड़ी चिंता जताई है। मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्य कांत ने गुरुवार, 27 नवंबर को स्पष्ट शब्दों में कहा कि न्यायपालिका के पास "कोई जादुई छड़ी" नहीं है कि आदेश पास करते ही दिल्ली की हवा साफ हो जाए।

चीफ जस्टिस ने कहा कि असली और स्थायी समाधान केवल विशेषज्ञों तथा सरकारों के दीर्घकालिक प्रयासों से ही संभव है, न कि सीजनल मुकदमों से। कोर्ट दिल्ली प्रदुषण पर काफी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिंता जाहिर की है।

delhi-air-pollution-supreme-court-gets-strict-action

बता दें कि, गुरुवार की सुबह दिल्ली का औसत AQI 355 दर्ज हुआ, जो "बहुत खराब" श्रेणी में आता है। बुधवार शाम यह 327 था। मामूली सुधार के बावजूद राजधानी के ऊपर फैला जहर कम होने का नाम नहीं ले रहा।

वायु प्रदुषण पर CJI ने सरकार से क्या कहा?

सुप्रीम कोर्ट में लंबित वायु प्रदूषण मामले में अमिकस क्यूरी सीनियर एडवोकेट अपराजिता सिंह की याचिका पर त्वरित सुनवाई की मांग के दौरान CJI ने कहा, यह पूरा दिल्ली-NCR का मुद्दा है। लोग वाकई पीड़ित हैं। लेकिन हमें बताइए-क्या न्यायपालिका के पास कोई जादुई छड़ी है? क्या हम आदेश दें और अगले दिन हवा साफ हो जाए? CJI सूर्य कांत ने यह भी कहा कि अब इस मामले को सालाना/मौसमी औपचारिकता (ceremonial matter) की तरह नहीं लिया जा सकता। अदालत ने मामले को 1 दिसंबर को सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई और संकेत दिया कि आगे इसे नियमित रूप से सुना जाएगा।

CAQM की सिफारिशें 'कागजों में ही'

सिंह ने कोर्ट को बताया कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने कई अल्पकालिक और दीर्घकालिक कदम सुझाए हैं, लेकिन ज्यादातर सुझाव आज भी फाइलों में ही पड़े हैं, जमीनी असर बहुत कम दिख रहा है। इस पर CJI ने कहा कि कारणों की पहचान अधूरी है, और समाधान अदालत नहीं बल्कि विशेषज्ञ ही दे सकते हैं।

हम विशेषज्ञ नहीं हैं, न वकील विशेषज्ञ हैं। समाधान डोमेन एक्सपर्ट ही बता सकते हैं। सरकार ने जो भी कमेटियां बनाई हैं, उनकी ठोस सिफारिशें सामने आनी चाहिए।

GRAP पाबंदियों में ढील पर भी उठे सवाल

दिल्ली में 26 नवंबर की शाम को CAQM ने GRAP-3 पाबंदियाँ हटाने का आदेश दिया था, जबकि मौसम वैज्ञानिक किसी बड़े सुधार का अनुमान नहीं लगा रहे थे। इसके बावजूद सुबह 9 बजे AQI 355 दर्ज किया गया। अदालत ने पहले भी CAQM को 'ढिलाई' न बरतने और अधिक "प्रोएक्टिव" कार्रवाई करने की सलाह दी थी।

CJI को भी सांस लेने में दिक्कत

बीते दिन सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही भी प्रदूषण से सीधे प्रभावित हुई। कई वकीलों ने ऑनलाइन उपस्थिति की अनुमति मांगी, क्योंकि उन्हें सांस और सीने में तकलीफ हो रही थी। CJI ने खुद बताया कि शाम की वॉक के बाद उन्हें भी सांस लेने में परेशानी हुई।

सीनियर एडवोकेट राकेश द्विवेदी ने तो सुनवाई के बीच ही कोर्ट से जाने की अनुमति मांगी। कपिल सिब्बल ने भी कोर्ट को बताया कि हवा हर साल और खराब हो रही है और वरिष्ठ वकीलों के लिए स्थिति खतरनाक होती जा रही है।

कोर्ट ने दिल्ली सरकार को फटकारा

इसी सुनवाई में अदालत छात्रों की ऑनलाइन क्लास और शिक्षा में बढ़ रही खाई पर भी चिंतित दिखी। CJI ने नाराजगी जताई कि सितंबर में केंद्र और दिल्ली सरकार को नोटिस भेजा गया था, लेकिन आज तक कोई जवाब नहीं मिला। कोर्ट ने दिल्ली के शिक्षा सचिव को तलब किया है।

13 नवंबर को जस्टिस पीएस नरसिम्हा ने भी कहा था कि यह प्रदूषण "स्थायी नुकसान" दे सकता है और वकीलों को फिजिकल उपस्थिति से बचने की सलाह दी थी। कोर्ट ने 19 नवंबर को GRAP में संशोधन को भी मंजूरी दी थी ताकि कड़े कदम पहले चरणों में ही लागू किए जा सकें।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+