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मानहानि मामले में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया बरी, 9 साल पहले हुए चुनाव से जुड़ा है मामला

आपराधिक मानहानि मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल, डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया और योगेंद्र यादव को बरी कर दिया है।

नई दिल्ली, 20 अगस्त : आपराधिक मानहानि मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल, डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया और योगेंद्र यादव को बरी कर दिया है।

Criminal Defamation Kejriwal manish sisodia

कोर्ट में मौजूद रहे तीनों

बता दें कि योगेंद्र यादव आप के पूर्व नेता रह चुके हैं। यादव स्वराज इंडिया नाम की संस्था चला रहे हैं। तीनों के खिलाफ वकील सुरेंद्र शर्मा ने क्रिमिनल डिफेमेशन केस दायर किया था। उन्होंने दावा किया था कि 2013 के विधानसभा चुनावों में आखिरी समय में AAP नेताओं ने उनकी उम्मीदवारी रद्द कर दी थी। शनिवार को अदालत द्वारा आदेश सुनाए जाने के दौरान तीनों व्यक्ति अदालत में मौजूद थे।

याचिकाकर्ता की मौत, भतीजे ने जारी रखा मुकदमा

अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट (ACMM) विधि गुप्ता ने आदेश पारित करते हुए कहा कि शिकायतकर्ता द्वारा उद्धृत मीडिया लेखों का अध्ययन किया गया, लेकिन, शिकायतकर्ता इन रिपोर्ट्स में मानहानि स्थापित नहीं कर सका। याचिकाकर्ता वकील सुरेंद्र कुमार शर्मा की सुनवाई के दौरान खराब स्वास्थ्य के कारण मृत्यु हो गई थी। बाद में उनके भतीजे ने कोर्ट में केस को आगे बढ़ाना जारी रखा।

नौ साल पुराना है मामला

जानकारी के मुताबिक 2013 के आपराधिक मानहानि मामले में निचली अदालत ने इससे पहले केजरीवाल, सिसोदिया, योगेंद्र यादव के खिलाफ जारी गैर जमानती वारंट (NBW) पर रोक लगाई थी। अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट समर विशाल ने यह आदेश तब पारित किया जब तीनों नेताओं के वकीलों ने गैर जमानती वारंट रद्द करने की मांग की। याचिका दायर करने वाले वकील सुरेंद्र शर्मा ने इन नेताओं के खिलाफ मानहानि की शिकायत में दलील दी थी कि आम आदमी पार्टी (आप) से उनकी उम्मीदवारी 2013 में अंतिम समय में रद्द कर विभिन्न समाचार पत्रों में अपमानजनक तरीके से प्रकाशित किया गया।

बार एसोसिएशन और खुद की प्रतिष्ठा को ठेस

याचिकाकर्ता वकील सुरेंद्र शर्मा ने 14 अक्टूबर 2013 को दावा किया कि प्रमुख समाचार पत्रों में छपे लेखों में "आरोपी व्यक्तियों द्वारा इस्तेमाल किए गए शब्द अपमानजनक और गैरकानूनी थे। उनका कहना था कि केजरीवाल, सिसोदिया और योगेंद्र यादव के बयानों से दिल्ली के बार एसोसिएशन और समाज में उनकी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है।

केजरीवाल ट्रायल कोर्ट में पेश हुए थे

शिकायत का विरोध करते हुए आप नेताओं ने कहा था कि चुनाव टिकट को रद्द करना या आवंटन करना पार्टी का विशेषाधिकार है। शिकायतकर्ता ने अपने खिलाफ लंबित मामलों के बारे में सही जानकारी नहीं दी है। शिकायत के आधार पर निचली अदालत (Trial Court) ने केजरीवाल, सिसोदिया और योगेंद्र यादव को पेश होने को कहा था। हालाँकि, सम्मन पर पेशी के बाद केजरीवाल, सिसोदिया और यादव को जमानत दे दी गई थी।

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