अफगान संकट पर पीएम मोदी फैसले पर बोले कपिल सिब्बल, खास धर्म तक सीमित नहीं होनी चाहिए मदद
नई दिल्ली, 29 अगस्त। अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद से ही वहां के लोग देश छोड़ने के लिए अपनी जान तक दांव पर लगा रहे हैं। भारत, अमेरिका और ब्रिटेन समेत दुनिया के कई देश अफगानिस्तान से अपने नागरिकों और सहयोगियों को निकालने में जुटे हुए है। भारत सरकार ने भी अफगान संकट के देखते हुए वहां के हिंदू और सिख नागरिकों को शरण देने का ऐलान किया है, अब तक कई अफगानी विशेष विमान से भारत पहुंच चुके हैं। अफगान इवेक्युएशन के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने नरेंद्र मोदी सरकार के फैसले पर सवाल खड़ा किया है।

कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने पीएम मोदी के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी जिसमें प्रधानमंत्री ने कहा था,
अगर भारतीय दुनिया में कहीं भी मुसीबत में हैं, तो भारत उनकी पूरी ताकत से मदद करने के लिए खड़ा है। कोरोना काल हो या अफगानिस्तान का संकट, दुनिया ने इसे लगातार अनुभव किया है। अफगानिस्तान से सैकड़ों दोस्तों को भारत लाया जा रहा है।
पीएम मोदी के इस बयान के इलावा कांग्रेस नेता केंद्र के उस फैसले पर भी निशाना साधा है जिसमें विशेष समुदाय के लोगों को शरण दिए जाने की बात कही गई है।
Anybody, who is persecuted whether they are Hindu, Afghani or anybody else, it is our constitutional duty to help & protect them. I welcome what PM Modi has said. But at the same time, it should not be restricted to the people of a certain religion: Congress leader Kapil Sibal https://t.co/PDTx0GzhHg pic.twitter.com/AFC2iQB1VM
— ANI (@ANI) August 29, 2021
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कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने कहा,
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कोई भी, जिसे सताया जाता है, चाहे वह हिंदू हो, अफगानी हो या कोई और, उनकी मदद करना और उनकी रक्षा करना हमारा संवैधानिक कर्तव्य है। पीएम मोदी ने जो कहा है उसका मैं स्वागत करता हूं, लेकिन साथ ही इसे एक खास धर्म के लोगों तक ही सीमित नहीं रखना चाहिए।
कपिल सिब्बल ने यहां सीधे तौर पर अफगान में सताए जा रहे मुस्लिमों को शरण ना देने के भारत सरकार के फैसले की आलोचना की है। गौरतलब है कि तालिबान के कब्जे के बाद अफगानिस्तान के हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। अल्पसंख्यकों के साथ-साथ वहां का बहुसंख्यक समुदाय भी तालिबान के खौफ से देश छोड़ने पर मजबूर है।












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