जहांगीरपुरी में अवैध कब्जा हटाने के अभियान के खिलाफ SC पहुंची बृंदा करात, दायर की PIL
नई दिल्ली, 21 अप्रैल। कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सिस्ट) की नेता वृंदा करात दिल्ली के जहांगीरपुरी में बुधवार को अवैध कब्जे को हटाने की कार्रवाई के दौरान बुल्डोजर के सामने खड़ी हो गई थीं, बुल्डोजर के सामने अवैध कब्जे को हटाने के अभियान का विरोध किया, उनकी यह तस्वीर सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई थी। अब वृंदा करात ने जहांगीरपुरी अवैध कब्जे के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की है।

वृंदा करात ने अपनी याचिका में कहा है कि नॉर्थ दिल्ली म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की कार्रवाई गैरकानूनी है, अमानवीय है और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के खिलाफ है। यह पूरी कार्रवाई आर्टिकल 14 का उल्लंघन है। जहांगीरपुरी में लोग सिर्फ जीविका चलाने के लिए और सिर ढकने के लिए रह रहे हैं, लेकिन उसे गिरा दिया गया। यहां रह रहे लोग अधिकतर काफी गरीब हैं। यह अभियान मुसलमानों को निशाना बनाने के लिए किया गया। यहां यह ध्यान देने वाली बात है कि अधिकतर लोग जो यहां रहते हैं वह मुस्लिम हैं, अभियान में बी, एच और अन्य ब्लॉक में कोई बिल्डिंग नहीं तोड़ी गई, प्रशासन की कार्रवाई भेदभावपूर्ण है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी कुछ देर तक यह अभियान चलता रहा।
बता दें कि जहांगीरपुरी अतिक्रमण मामले पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने एनडीएमसी को निर्देश दिया है कि वह यथास्थिति को बरकार रखें, इस मामले पर अगली सुनवाई दो हफ्ते बाद होगी। इस मामले में याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि यह पूरी कार्रवाई एक समुदाय विशेष के खिलाफ की गई है, कोर्ट को यह बताने की जरूरत है कि यह सियासी मंच नहीं है, यहां कानून का राज होगा।












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