'तीन तैयार स्कूल अब भी बंद', भाजपा सरकार पर AAP का हमला, आतिशि ने शिक्षा मंत्री को पत्र लिख कर मांगा जवाब
Atishi wrote a letter to BJP: दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और आम आदमी पार्टी (AAP) की वरिष्ठ नेता आतिशी ने शनिवार, 7 जून को दिल्ली सरकार के शिक्षा मंत्री आशिष सूद को पत्र लिखा। पत्र में नेता प्रतिपक्ष ने राजधानी के तीन पूरी तरह तैयार सरकारी स्कूलों को तुरंत खोलने की मांग की है।
इन स्कूलों का निर्माण अरविंद केजरीवाल सरकार के कार्यकाल में पूरा हुआ था, लेकिन अब तक इनमें दाखिले शुरू नहीं हो पाए हैं।

आतिशी ने दावा किया कि रोहिणी सेक्टर 27, सुंदर नगरी और किराड़ी जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में बने ये स्कूल नवंबर 2024 से जनवरी 2025 के बीच तैयार हो गए थे। लेकिन दिल्ली की मौजूदा भाजपा सरकार ने अब तक इनमें दाखिले की प्रक्रिया शुरू नहीं की है, और स्कूल आज भी ताले में बंद पड़े हैं।
सोशल मीडिया पर उठाई आवाज
आतिशी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "अरविंद केजरीवाल जी ने दिल्ली के तीन घनी आबादी वाले क्षेत्रों - सुंदर नगरी, किराड़ी और रोहिणी सेक्टर 27 में बेहतरीन स्कूल बनवाए। ये स्कूल नवंबर 2024 से जनवरी 2025 के बीच बनकर तैयार हो गए। लेकिन भाजपा की शिक्षा विरोधी सरकार ने इन स्कूलों में दाखिले शुरू नहीं किए। क्या भाजपा चाहती है कि इन इलाकों के बच्चे प्राइवेट स्कूलों में पढ़ें? इन स्कूलों को जल्द से जल्द शुरू करने के लिए मैंने शिक्षा मंत्री आशीष सूज जी को पत्र लिखा है।"
What is in Atishi's letter? पत्र में क्या लिखा है?
शिक्षा मंत्री को भेजे गए पत्र में आतिशी ने लिखा कि उन्हें मीडिया रिपोर्ट्स के माध्यम से यह जानकारी मिली कि इन तीन स्कूलों को बिजली और पानी जैसी छोटी प्रशासनिक अड़चनों की वजह से चालू नहीं किया गया है।
इस पत्र में लिखा गया है, "इन स्कूलों का निर्माण इसलिए किया गया था क्योंकि इन इलाकों में पहले से मौजूद सरकारी स्कूलों में भारी भीड़ थी और अभिभावकों को अपने बच्चों को मजबूरी में निजी स्कूलों में भेजना पड़ता था। इन स्कूलों का उद्देश्य शिक्षा को सबके लिए सुलभ बनाना था।"
आतिशी ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार के कार्यकाल में सरकारी स्कूल शिक्षा हमेशा प्राथमिकता रही है, लेकिन मौजूदा भाजपा सरकार की नीति इससे ठीक उलट प्रतीत होती है।
निजी स्कूल माफिया से गठजोड़ का आरोप
पत्र में आतिशी ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार शायद निजी स्कूल माफिया के साथ मिली हुई है। उन्होंने लिखा है कि आपकी सरकार गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों की शिक्षा की परवाह नहीं करती। इन सरकारी स्कूलों को खोलने में देरी यह दर्शाता है कि सरकार चाहती है कि बच्चे प्राइवेट स्कूलों में जाएं। इसी कारण अब दिल्ली के नागरिकों के बीच यह धारणा बनती जा रही है कि भाजपा सरकार निजी स्कूल माफिया के साथ मिलकर काम कर रही है।
गर्मी की छुट्टियों के बाद स्कूल शुरू करने की अपील
आतिशी ने शिक्षा मंत्री से अनुरोध किया कि गर्मी की छुट्टियों के तुरंत बाद इन स्कूलों में दाखिले शुरू करवा दिए जाएं ताकि इन भवनों का इस्तेमाल हो सके और बच्चों को सरकारी शिक्षा का लाभ मिल सके। आतिशी ने अपने पत्र में कहा है कि कृपया आवश्यक अधिसूचनाएं जारी करें ताकि गर्मी की छुट्टियों के बाद इन तीनों स्कूलों में दाखिले शुरू हो सकें और ये स्कूल पूरी तरह से कार्यरत हो जाएं।












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