मुख्य सचिव से जुड़े भ्रष्टाचार मामले की शुरू हुई जांच, आतिशी मार्लेना ने दिए आदेश
दिल्ली के मुख्य सचिव नरेश कुमार के बेटे का कथित भ्रष्टाचार का मामला सुर्खियों में बना हुआ है। नरेश कुमार के बेटे से जुड़े मामले की जांच शुरू हो गई है। प्रदेश सरकार की मंत्री आतिशी मार्लेना ने मामले का संज्ञान लेते हुए इसकी जांच शुरू कर दी है। इस मामले की जांच को लेकर आतिशी मार्लेना ने विजिलेंस विभाग के डायरेक्टर और मंडलायुक्त को पत्र लिखा है।
मुख्य सचिव के बेटे से जुड़ी सभी फाइलों को आतिशी मार्लेना ने मांगा है। आरोप है कि मुख्य सचिव के बेटे को 315 करोड़ रुपए का फायदा हुआ है। जिस कंपनी में मुख्य सचिव के बेटे काम करते हैं उस कंपनी के जरिए उन्हें यह फायदा पहुंचा है। इस कथित भ्रष्टाचार का मामला सामने आने के बाद आतिशी मार्लेना ने इसकी जांच शुरू कर दी है।

सूत्रों के अनुसार द्वारका एक्सप्रेसवे के लिए बामनोली गांव में भूमि अधिग्रहण से जुड़ी फाइलों को शाम 7 बजे तक विजिलेंस मंत्री को सौंप दिया जाएगा। मंत्री ने निर्देश दिया है कि इस कथित भ्रष्टाचार से जुड़ी फाइल को मुख्य सचिव के जरिए पास नहीं कराया जाए। रिपोर्ट के अनुसार मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को इस मामले की जांच के लिए विजिलेंस मंत्री को यह शिकायत भेजी है। बता दें कि इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री से पहले ही शिकायत की गई है।
बता दें कि यह मामला ऐसे सामने आया है जब भ्रष्टाचार के मामलों में आम आदमी पार्टी के नेता जेल में हैं। कई मंत्री और सांसद जेल में है। संजय सिंह, मनीष सिसोदिया, सत्येंद्र जैन जैसे बड़े आप नेता जेल में हैं। इन नेताओं को सुप्रीम कोर्ट से भी कोई राहत नहीं मिली है। वहीं आम आदमी पार्टी शुरुआत से यह कहती आ रही है कि ईडी-सीबीआई भाजपा के इशारों पर काम कर रही है।
गौर करने वाली बात है कि अरविंद केजरीवाल को ईडी ने समन भेजा था और उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया था। लेकिन अरविंद केजरीवाल ने इस समन को गैरकानूनी बताते हुए पेश होने से इनकार कर दिया था। केजरीवाल ने आरोप लगाया था कि समन को जानबूझकर लीक किया गया। केजरीवाल ने कहा कि यह सब इसलिए किया जा रहा है कि ताकि मैं चुनाव प्रचार ना कर सकूं।












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