Video: ‘फर्जी केस था,मैं भ्रष्ट नहीं’, बरी होते ही कैमरे पर रो पड़े केजरीवाल, पत्नी बोलीं- शिव से ऊपर कोई नहीं
Excise Policy Case Arvind Kejriwal Manish Sisodia: दिल्ली की चर्चित शराब नीति मामले में बड़ा मोड़ आ गया है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार (27 फरवरी) को पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और पार्टी नेता विजय नायर को सभी आरोपों से बरी कर दिया। अदालत ने साफ कहा कि जांच एजेंसी सीबीआई (CBI) आरोप साबित करने में नाकाम रही और रिकॉर्ड पर ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं है जिससे आपराधिक साजिश साबित हो सके।
कैमरे पर फूट-फूटकर रोए अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal Emotional Reaction)
फैसले के बाद अदालत परिसर में भावुक दृश्य देखने को मिला। केजरीवाल कैमरों के सामने फूट-फूटकर रो पड़े। उन्होंने कहा, "मैं भ्रष्ट नहीं हूं। कोर्ट ने कह दिया कि केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ईमानदार हैं। यह पूरा मामला फर्जी था। फर्जी केस था,सच की जीत हुई।'' उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक कारणों से आम आदमी पार्टी के नेताओं को जेल भेजा गया और पार्टी को खत्म करने की कोशिश हुई।

अरविंद केजरीवाल की पत्नी बोलीं- शिव शक्ति से ऊपर कोई नहीं
अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल ने एक्स पोस्ट पर कहा, ''इस संसार में कोई कितना भी शक्तिशाली हो जाए, शिव शक्ति से ऊपर नहीं हो सकता। सच की हमेशा जीत होती है।" उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।''
'केजरीवाल, सिसोदिया और AAP कट्टर ईमानदार है'
अरविंद केजरीवाल ने कहा,
''पिछले कुछ सालों से भाजपा जिस तरह से शराब घोटाले के बारे में कह रही थी और हमारे ऊपर आरोप लगा रही थी तो आज कोर्ट ने सभी आरोप खारिज कर दिए और सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। हमें न्यायपालिका पर भरोसा है... सत्य की जीत हुई... AAP को खत्म करने के लिए सभी बड़े नेताओं को जेल में डाल दिया गया था... यह पूरा फर्जी केस था... केजरीवाल भ्रष्ट नहीं है। मैंने अपने जीवन में केवल ईमानदारी कमाई है। कोर्ट ने कहा है कि केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और AAP कट्टर ईमानदार है... अच्छा काम करके सत्ता में आइए और झूठे केस करके हमें जेल में डालना प्रधानमंत्री को शोभा नहीं देता..."
अदालत की सख्त टिप्पणी
विशेष जज जितेंद्र सिंह ने आदेश सुनाते हुए कहा कि मामले में न तो कोई समग्र साजिश दिखती है और न ही आपराधिक मंशा का प्रमाण। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि विस्तृत आरोपपत्र में कई कमियां हैं और उन्हें गवाहों या दस्तावेजों का पर्याप्त समर्थन नहीं मिला। जज ने माना कि केजरीवाल को बिना ठोस सामग्री के आरोपी बनाया गया। सिसोदिया के खिलाफ भी कोई प्राइमा फेसी केस नहीं बनता।
सिसोदिया ने कहा- संविधान पर गर्व (Manish Sisodia Reaction)
सिसोदिया ने फैसले को न्यायपालिका की मजबूती बताया। उन्होंने कहा, "आज एक बार फिर देश के संविधान पर गर्व हुआ है। सत्य की जीत हुई है।" अदालत ने स्पष्ट किया कि अभियोजन पक्ष अपना केस साबित करने में विफल रहा और लगाए गए आरोपों में दम नहीं है।
राजनीतिक असर और आगे की राह (Political Impact)
यह फैसला दिल्ली की राजनीति में बड़ा असर डाल सकता है। शराब नीति विवाद को लेकर लंबे समय से चल रही कानूनी लड़ाई का यह अहम पड़ाव है। अदालत की टिप्पणी कि किसी भी आरोपी के खिलाफ विश्वसनीय सबूत नहीं मिले, आने वाले समय में राजनीतिक बहस को नई दिशा दे सकती है।
फिलहाल, केजरीवाल और सिसोदिया दोनों ने न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए कहा है कि अंततः सच सामने आ गया। अदालत का यह निर्णय केवल कानूनी राहत नहीं, बल्कि राजनीतिक संदेश भी माना जा रहा है कि बिना पुख्ता साक्ष्य के गंभीर आरोप टिक नहीं सकते।












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