दिल्ली एयरपोर्ट पर स्पाइसजेट के 150 कर्मचारियों ने रोका काम, कंपनी ने कहा- कोई विवाद नहीं है
नई दिल्ली, सितंबर 03। कोरोना काल में अच्छी-अच्छी कंपनियां आर्थिक संकट से जूझ रही हैं, जिसका असर उन कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों पर पड़ा है। इनमें स्पाइसजेट एयरलाइंस कंपनी भी शामिल है, जिसने अप्रैल महीने में अपने कर्मचारियों की 50 फीसदी सैलरी रोक ली थी, जिसका भुगतान अभी तक नहीं किया गया। अब कर्मचारियों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया है। दरअसल, कंपनी के करीब 150 कर्मचारियों ने शुक्रवार को दिल्ली के इंदिरा गांधी हवाई अड्डे पर काम रोक दिया। हालांकि एयरलाइन का कहना है कि कर्मचारियों के साथ इस मुद्दे को सुलझा लिया गया है और फ्लाइट संचालन प्रभावित नहीं हुआ है।

कर्मचारियों के साथ सैलरी को लेकर कोई विवाद नहीं- स्पाइसजेट
स्पाइसजेट एयरलाइन ने एक बयान में कहा है, "दिल्ली एयरपोर्ट पर स्पाइसजेट के कर्मचारियों के एक वर्ग के साथ समस्या का समाधान कर लिया गया है और कर्मचारी काम पर लौट आए हैं। स्पाइसजेट का उड़ान संचालन सामान्य बना हुआ है।" आपको बता दें कि कंपनी का ये बयान ऐसे समय में आया है, जब स्पाइसजेट के ही एक पूर्व पायलट ने DGCA को पत्र लिखकर वेतन कटौती की शिकायत की थी। DGCA ने इस पत्र को गंभीरता से लेते हुए ये आश्वासन दिया है कि इसपर गौर किया जाएगा।
पूर्व पायलट ने कंपनी पर लगाए ये आरोप
स्पाइसजेट के पूर्व पायलट कैप्टन विनोद लोगनाथन ने शिकायत पत्र में कहा है कि कोरोना महामारी के दौरान स्पाइसजेट ने अपने फायदे के लिए कमर्शियल फ्लाइट में कार्गो को एयरक्राफ्ट की सीलिंग तक भरना शुरू कर दिया जो कि DGCA की गाइडलाइंस का साफ तौर पर उल्लंघन है। आपको बता दें कि कैप्टन लोगानाथन अब एयरलाइन कंपनी को छोड़ चुके हैं। विनोद ने अपने पत्र में सैलरी के मामले का जिक्र करते हुए कहा कि 'पायलट, क्रू, इंजीनियर और ग्राउंड स्टाफ वित्तीय तनाव से गुजर रहे हैं क्योंकि स्पाइसजेट के प्रमोटर द्वारा एक वर्ष से अधिक समय से उनका आर्थिक शोषण किया जा रहा है।












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