मारने के बाद पहचान मिटाने के लिए जलाया था श्रद्धा का चेहरा, इंटरनेट पर सर्च किए थे शव को ठिकाने लगाने के तरीके
मारने के बाद पहचान मिटाने के लिए जलाया था श्रद्धा का चेहरा, इंटरनेट पर सर्च किए थे शव को ठिकाने लगाने के तरीके
Shraddha Murder case: आफताब पूनावाला (aftab poonawalla) ने लिव-इन-पार्टनर श्रद्धा वॉकर (Shraddha Walker) की हत्या के बाद उसके शरीर के कई टुकड़े कर दिए थे। आफताब ने पहचान छिपाने के लिए श्रद्धा के शव के टुकड़े करने के बाद उसका चेहरा जला दिया था। इतना ही नहीं, आफताब ने हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के तरीके इंटरनेट पर सर्च किए थे। इस बात का खुलासा दिल्ली पुलिस ने आफताब से पूछताछ के बाद किया है।

आफताब पूनावाला इस समय दिल्ली के महरौली पुलिस स्टेशन में बंद है, जिसे आज दिल्ली पुलिस साकेत कोर्ट में पेश करेगी। महरौली पुलिस स्टेशन में बंद आफताब से पुलिस की टीम लगातार पूछताछ कर रही है। आफताब से पूछताछ के बाद दिल्ली पुलिस अब तक ना उस आरी को ढूंढ पाई है, जिससे श्रद्धा का कत्ल हुआ था। ना ही श्रद्धा का मोबाइल ढूंढ पाई है और तो और जगंल से बरामद की गईं 13 हड्डियां श्रद्धा की लाश की हैं, ये भी पुलिस अभी तक पुख्तार पर नहीं कर रही है।
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने सांकेत कोर्ट से आफताब की आगे की हिरासत की मांग की है, जिससे वो उससे पूछताछ कर सबूत जुटा सके। दिल्ली पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पुलिस आफताब का नार्को टेस्ट कराना चाहती है। इसलिए साकेत कोर्ट में दिल्ली पुलिस ने अपना पक्ष रखेगी। अदालत ने आफताब के नार्को टेस्ट की इजाजत भी दे दी है। फिलहाल पुलिस श्रद्धा हत्याकांड से जुड़े सारे साक्ष्य जुटा रही है, ताकि कोर्ट में उनका केस और मजबूत हो सके। उन्हें जानकारी मिली है कि आफताब-श्रद्धा का 300 रुपये का पानी का बिल बकाया है।
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, श्रद्धा की हत्या के बाद आफताब ने खून के धब्बों को साफ करने के लिए बहुत सारे पानी का इस्तेमाल किया था। जिसके कारण पानी का बिल ज्यादा आया और बिल लंबित हो गया। पड़ोसियों ने पुलिस को बताया कि आफताब नियमित रूप से बिल्डिंग की पानी की टंकी की जांच करने जाता था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस पूछताछ में आफताब ने बताया कि 'उसने मई में श्रद्धा की हत्या की थी और शरीर के 35 टुकड़े करने में दो दिनों का वक्त लगा था।'
पुलिस पूछताछ में आफताब ने बताया, श्रद्धा के शरीर के टुकड़ों को उसने लगभग तीन महीने तक रेफ्रिजरेटर में रखा था और धीरे-धीरे करके दिल्ली के जंगलों में फेंकता था। तो वहीं, दूसरी तरफ श्रद्धा के पिता विकास वॉकर ने समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा, दिल्ली पुलिस को आभास हो गया था कि आफताब कभी झूठ बोलता है और कभी सच। इसलिए उन्होंने नार्को टेस्ट के लिए आवेदन किया। मुझे लग रहा है कि मुझे न्याय मिलने वाला है। अगर उसने अपराध किया है, तो उसे फांसी दी जानी चाहिए।












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