16 हजार से ज्यादा शिक्षकों को राहत, बीटीसी कोर्स को मान्यता देने वाला बिल राज्यसभा में पास
uttarakhand news, देहरादून। उत्तराखंड के 16 हजार से अधिक विशिष्ट बीटीसी शिक्षकों को ब्रिज कोर्स करने से छूट मिल गयी है। इसके लिए राज्यसभा में गुरुवार को इस कोर्स को मान्यता देने वाले बिल को मंजूरी दी गई। इस बिल के लिए राज्य के शिक्षक काफी समय से उद्वेलित थे।

अब लोकसभा में भी बिल को मंजूरी मिलने की उम्मीद
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत भी काफी समय से इसे लेकर चिंतित थे। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने भी कम से कम चार बार केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से मुलाकात कर इस समस्या के निदान की मांग की थी। अब लोकसभा चुनाव से ठीक पहले इस बिल को सदन में पास कराकर भाजपा सरकार को सियासी लाभ मिलने की उम्मीद है।
नहीं खत्म होंगी नौकरी
बता दें कि, केंद्र सरकार ने एक आदेश जारी किया था कि इस श्रेणी में आने वाले जो शिक्षक 31 मार्च 2019 से पहले दो वर्षीय ब्रिज कोर्स नहीं करेंगे, उनकी नौकरी खत्म मान ली जाएगी। इस पर उत्तराखंड के प्रभावित होने वाले 16,608 शिक्षकों ने विरोध शुरू कर दिया। कई बार सचिवालय कूच किया और मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री से इसके निदान की मांग की। यहां तक कि सांसद अनिल बलूनी के साथ शिक्षकों ने केन्द्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से भी बातचीत की।

विधेयक को सदन में लाने का मिला आश्वासन
नवंबर में देहरादून आये केन्द्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को संसद के शीदकालीन सत्र में इस विधेयक को सदन में लाने का आश्वासन दिया था। इससे पहले भी सीएम और शित्रा मंत्री अरविंद पांडेय प्रकाश जावड़ेकर से मिंल चुके थे। हालांकि यह बिल मानसून सत्र में ही सदन में पेश हो चुका था। गुरुवार को राज्यसभा ने इसे पारित कर दिया। बिल पारित होने के बाद प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौहान ने कहा कि इससे प्रदेश के 16 हजार सेअधिक शिक्षकों को राहत मिली है। उन्होंने सीएम और शिक्षा मंत्री के साथ ही सांसद अनिल बलूनी का भी आभार जताया है।
ऐसे सालों तक चला मामला
वर्ष 2001 से 2016 के बीच प्रदेश के शिक्षा विभाग ने राज्य के 16608 शिक्षकों को डायट से विशिष्ट बीटीसी (बेसिक टीचिंग सर्टिफिकेट/बीटीसी) कोर्स करवाया था। कोर्स पूरा करने के बाद इन शिक्षकों को बाकायदा विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण का प्रमाणपत्र भी दिया गया। इसी आधार पर सरकारी स्कूलों में प्रशिक्षित शिक्षक के पदों पर नियुक्ति भी दी गई। करीब तीन वर्ष पहले केन्द्र ने इन शिक्षकों के विशिष्ट बीटीसी कोर्स को मान्यता देने से इनकार कर दिया।
साथ ही ऐसे शिक्षकों को 31 मार्च 2019 से पहले ब्रिज कोर्स करने का समय दिया था। यह निर्देश जारी होने के बाद प्रदेशभर के शिक्षकों ने अलग-अलग स्तरों पर आंदोलन किया। साथ ही मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री समेत अन्य स्तरों पर गुहार भी लगाई।












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